Samba Narco Demolition: सांबा में ड्रग तस्करों के ‘नार्को महलों’ पर चला बुलडोजर, 60 करोड़ की 50 कनाल जमीन मुक्त
जम्मू-कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में नशीले पदार्थों के तस्करों (ड्रग पेडलर्स) और भू-माफियाओं के खिलाफ स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए बिरपुर के बलोल खड़ इलाके में धावा बोला। यहाँ लगभग 50 कनाल सरकारी जमीन पर माफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाते हुए 33 अवैध ढांचों (जिनमें पक्के पक्के निर्माण, कुल्ले और मवेशी शेड शामिल थे) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। पुलिस और राजस्व विभाग का आधिकारिक दावा है कि भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराई गई इस प्राइम लैंड की बाजारू कीमत करीब 60 करोड़ रुपये है।
🚜 बुलडोजर से जमींदोज हुए 8 कुख्यात तस्करों के ‘नार्को महल’: सांबा पुलिस और सिविल प्रशासन का बड़ा संयुक्त अभियान
सांबा पुलिस और सिविल प्रशासन की संयुक्त टीम ने बारी ब्राह्मणा इलाके में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए लंबे समय से बदनाम जगह ‘बलोल खड़’ पर अवैध ढांचों को गिराने का एक सुनियोजित महाअभियान चलाया। इस बड़े ऑपरेशन के दौरान भारी भरकम बुलडोजरों की मदद से 33 अवैध ढांचों को ताश के पत्तों की तरह गिरा दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन ढांचों में इलाके के 8 सबसे कुख्यात नशीले पदार्थों के इंटर-स्टेट तस्करों द्वारा बनाए गए आलीशान “नार्को महल” (अवैध कमाई से बने मकान) भी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए मौके पर कई थानों की पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान भारी संख्या में तैनात रहे।
💉 हेरोइन और ‘चिट्टा’ छिपाने के लिए गोदाम की तरह होता था इस्तेमाल: सक्रिय तस्करों पर पहले से दर्ज हैं 35 से ज्यादा FIR
खुफिया विंग और स्थानीय पुलिस का कहना है कि बलोल खड़ नदी किनारे अवैध रूप से बनाए गए इन ढांचों का मुख्य इस्तेमाल सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों (मुख्य रूप से हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स) को सुरक्षित जमा करने, छिपाने और पंजाब-जम्मू में उनकी ब्लैक सप्लाई करने के लिए एक सेफ हाउस की तरह किया जा रहा था। यह पूरा इलाका पिछले कई महीनों से पुलिस की रडार और लगातार इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में था। यहाँ सक्रिय रूप से ड्रग सिंडिकेट चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ विभिन्न थानों में 35 से ज्यादा गंभीर एफआईआर (FIR) दर्ज थीं। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद ही पुलिस और प्रशासन ने मिलकर इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया है।
🛡️ युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले बख्शे नहीं जाएंगे: एलजी मनोज सिन्हा के नेतृत्व में अवैध संपत्तियां हो रही हैं नष्ट
वर्तमान सरकार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा के कुशल नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश को पूरी तरह से नशामुक्त समाज बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस सख्त नीति के तहत अब केवल नशा तस्करों की सामान्य गिरफ्तारी ही नहीं की जा रही है, बल्कि समाज को खोखला कर गैर-कानूनी रूप से अर्जित की गई उनकी करोड़ो रुपये की अवैध अचल संपत्तियों को भी बुलडोजर से नष्ट या कुर्क किया जा रहा है। स्थानीय जिला प्रशासन ने अपराधियों को स्पष्ट शब्दों में अंतिम चेतावनी दी है कि घाटी के युवाओं को नशे के आत्मघाती दलदल में धकेलने वाले किसी भी अपराधी को कतई बख्शा नहीं जाएगा और उनके अवैध निर्माणों व सरकारी कब्जों पर ऐसी ही सख्त चोट जारी रहेगी।
🔫 12 मई को भारी मात्रा में हेरोइन और ग्लॉक पिस्तौल के साथ दबोचा गया था अवनीत सिंह उर्फ नगी: बाहू फोर्ट पुलिस की कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इस महाअभियान से ठीक पहले बीते 12 मई को भी जम्मू-कश्मीर पुलिस के ‘थाना बाहू फोर्ट’ की टीम ने विशेष नाकेबंदी (चेकिंग) के दौरान एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के संदिग्ध सदस्य को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया था। पुलिस ने जब आरोपी की सघन तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 266.35 ग्राम शुद्ध हेरोइन जैसा नशीला पदार्थ (स्थानीय भाषा में चिट्टा), एक प्रतिबंधित अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्तौल (Glock Pistol) और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। गिरफ्तार किए गए शातिर आरोपी की पहचान अवनीत सिंह उर्फ नगी (निवासी सुंदरपुर आर.एस. पुरा, जम्मू) के रूप में हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अवनीत के खिलाफ पहले से ही अलग-अलग जिलों में 17 से ज्यादा संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे, जो एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act), आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित थे। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सुराग भी तलाश रही है।
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