जालंधर : वेरका मिल्क और कैटल फीड प्लांट के आउटसोर्स कर्मचारियों की यूनियन पंजाब की अहम राज्य स्तरीय बैठक के दौरान मिल्कफेड प्रबंधन और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ तीखा रोष जताया गया। यूनियन के राज्य प्रधान पवनदीप सिंह सहित अन्य नेताओं ने ऐलान किया कि मैनेजमेंट की मांगों पर चुप्पी और बार-बार की जा रही वादाखिलाफी ने कर्मचारियों को संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर कर दिया है।
इस कड़ी के तहत 9 तारीख को पंजाब भर के सभी मिल्क और कैटल फीड प्लांटों के गेटों पर रोष रैलियां कर कर्मचारियों को लामबंद किया जाएगा। इसके बाद 13 तारीख से मोहाली प्लांट का अनिश्चितकालीन घेराव शुरू किया जाएगा। यूनियन ने साफ कर दिया है कि जब तक जायज मांगों का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
राज्य प्रधान ने बताया कि मिल्कफेड मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ की ओर से लंबे समय से कर्मचारियों की अहम मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों में मैनेजमेंट ने समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि पंजाब सरकार और मैनेजमेंट द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी की एक भी बैठक न होना प्रबंधन की गंभीरता की कमी को दर्शाता है। यूनियन के अनुसार, पिछले 10 से 15 सालों से कम वेतन पर काम कर रहे कर्मचारी आज अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
यूनियन ने जोरदार मांग की है कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण बंद कर उन्हें तुरंत विभाग में शामिल (मर्ज) किया जाए और उनकी सेवाएं नियमित की जाएं। इसके साथ ही श्रम कानूनों के तहत मिलने वाला बोनस दिया जाए और उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को उनकी क्षमता के अनुसार पदों पर अपग्रेड किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मिल्कफेड मैनेजमेंट और पंजाब सरकार की होगी।
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