अधिकारी,जनप्रतिनिधि,आमजनता हर कोई जलसंचय के लिए कटिबद्ध ,वर्षाजल से लेकर बूंद बूंद को सहेजने पर अब दिया जा रहा ज़ोर ।
वर्षा जल या बूंद बूंद पानी,हर स्थिति में हो संचय,अब बिना रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं नहीं मिलेगा कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र,,नियमों का पालन करने वालों का होगा सम्मान,शासकीय भवनों,बड़े संस्थानों पर वॉटर रिचार्ज करवाना प्रमुख लक्ष्य।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने इंदौर में यह अब स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी स्थिति में वर्षाजल हो या बूंद बूंद पानी। उसे संचय किया जाए। जबकि इसकी बर्बादी पर इंदौर नगर निगम लगाम लगाए। साथ ही उन्होंने अब निर्देश दिए है कि रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वालों को ही नगर निगम कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करें। इसके अलावा जो यह वर्षा जल सहेजने के लिए तत्पर और अग्रणी रहे उसे नगर निगम प्रशस्ति पत्र भी जारी करें। ताकि आम से लेकर खास भी जल संचय अभियान में शामिल हो सके। इधर इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने साइक्लोथान आयोजित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की उक्त मुहिम में आमजनता से भी जल संरक्षण की शपथ दिलवाई।
आयुक्त ने ली बैठक दिए निर्देश।

नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल,इंदौर विकास प्राधिकरण सीईओ डॉक्टर परीक्षित झाड़े सहित अपर आयुक्त दिव्यांक सिंह,प्रखर सिंह,अर्थ जैन,आशीष पाठक,सहित अन्य अधिकारियों से उक्त मुहिम को लेकर चर्चा की। उक्त आयोजित मीटिंग में नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर ही कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाए। साथ ही उक्त कार्य समय सीमा में पूर्ण हो। इसके अलावा शासकीय भवनों,बड़ी इमारतों,बड़े संस्थानों,औद्योगिक इकाइयों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया जाए। जबकि टोटी अभियान चलाकर नलों से बहने वाले पानी को भी रोका जाए। और साथ ही साथ शहरी सीमा में वन क्षेत्र स्थापित किए जाए। आयुक्त ने निर्देश भी दिए कि उक्त कार्य में सामाजिक संगठनों को जल संचय अभियान में भागीदार बनाए जाए।

मेयर ने दिलवाई शपथ।

इधर रविवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नेहरू स्टेडियम से साइक्लोथान दौड़ आयोजित की। इस अवसर पर सैकड़ों शहरवासी शामिल थे। जिनसे मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने जल संचय और संरक्षण की शपथ भी दिलवाई।

जनसंख्या वृद्धि से बढ़ाई चिंता।

दरअसल उक्त आयोजन में मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने जानकारी दी कि इंदौर में बढ़ती लगातार आबादी फिलहाल चिंता का विषय है। क्योंकि जो 2030 वाली आबादी का अनुमान लगाया जा रहा था। वह फिलहाल 2023 में ही इंदौर की हो गई हैं लिहाजा अब इंदौर जल संचय की भी आवश्यकता है ताकि शहरवासियों को पेयजल की समस्याएं न आए। मेयर ने कहा कि रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अति आवश्यक हो गया हैं। क्योंकि भूजल स्तर अब काफी ज्यादा कम होता जा रहा हैं। लिहाजा अब भूमिगत जल स्तर को बढ़ाना भी अतिआवश्यक हो गया हैं।