पश्चिम बंगाल चुनाव में यूपी के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की ऑब्जर्वर के रूप में तैनाती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.खासकर ऐसे समय में जब राज्य में दूसरे चरण के मतदान की तैयारी चल रही है. शर्मा को राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया है. वहीं अब उनकी तैनाती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके पीछे एक वीडियो है. जिसमें शर्मा टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को धमकी देते नजर आ रहे हैं. ऐसे में आइये जानते हैं कौन हैं जहांगीर खान और आखिर क्यों धमकी दी गई.
जानकारी के मुताबिक जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना के फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. 41 साल के जहांगीर ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. चुनाव संबंधी घोषणाओं से पता चलता है कि उनकी संपत्ति करीब 2.1 करोड़ रुपए है और उन पर कोई देनदारी नहीं है. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
जहांगीर खान पर आरोप
हालांकि आधिकारिक दस्तावेजों से परे नजर डालें तो जहांगीर खान का नाम निर्वाचन क्षेत्र के आसपास की राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आया है. सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चल रही खबरों में आरोप लगाया गया है कि खान एक शक्तिशाली राजनीतिक शख्स से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं, जिन्हें ‘भाईपो’ (Bhaipo) कहा जाता है, और वो इस क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट नेटवर्क का हिस्सा हैं. ये इशारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी माने जाने वाले और बंगाल के डायमंड हार्बर (Diamond Harbour) लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की तरफ हैं.
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह जमीन हड़पने, तस्करी और अन्य संगठित गतिविधियों में शामिल है. इसके साथ ही यह भी दावा किया गया है कि फाल्टा में चुनावों के नतीजों पर उसका काफी प्रभाव है. वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि निर्वाचन क्षेत्र में मतदान को कई बार बहुत सख्ती से नियंत्रित किया गया है.
‘अभिषेक बनर्जी का दाहिना हाथ’
बीजेपी ने जहांगीर खान को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का दाहिना हाथ बताया है. पार्टी ने सोशल मीडिया पर अभिषेक और जहांगीर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा ‘क्या आप जानते हैं कि जहांगीर खान कौन है? वह भाईपो का दाहिना हाथ है, जो उसके लिए चुनाव में धांधली करता है और बदले में हथियारों और गोला-बारूद, जमीन हड़पने, तस्करी, मानव तस्करी, हत्या और बांग्लादेशियों को बसाने जैसे अपराधों में लिप्त एक गिरोह चलाता है – और इन सब के बदले भाईपो को उसका हिस्सा देता है. 2024 में, भाईपो को फाल्टा से 89% वोट मिले क्योंकि जहांगीर खान ने किसी को भी वोट नहीं डालने दिया. भाईपो उसे शौकत मुल्ला, जो एक और गुंडा है उसका मुकाबला करने के लिए तैयार कर रहा है!’.
Do you know who Jahangir Khan is? He is the right-hand man of Bhaipo, who rigs elections for him, and in return runs a syndicate involved in arms and ammunition, land grabbing, smuggling, trafficking, killing people, and settling Bangladeshis — all while giving Bhaipo his share pic.twitter.com/6xps7jpnAp
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 27, 2026
हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस तरह की बातों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है. पार्टी का कहा है कि मतदान से पहले भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है.
अजय पाल शर्मा का चेतावनी देते वीडियो वायरल
अब बात करते हैं अजय पाल शर्मा के उस वीडियो की जो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो जहांगीर खान को सीधे धमकी देते नजर आ रहे हैं. दरअसल बंगाल में चुनाव के मद्देनजर शर्मा को दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात किया गया है. इसे टीएमसी की मजबूत गढ़ माना जाता है इसके साथ ही इसे संवेदनशील भी माना जाता है. शर्मा संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं. बताया जा रहा है कि इसी दौरान उन्हें टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के समर्थकों द्वारा धमकाए जाने की शिकायत मिली थी. जिसके बाद वो सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंचे.जहां उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
Ajay Pal Sharma, the encounter specialist and Singham of UP police, is deployed as police observer of South 24 Parganas. He just read the riot act to Bhaipos henchman Jehangir Khans family members.
Nobody can stop this election from being the most free and fair election in 50 pic.twitter.com/p3WOLLXL6d
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) April 27, 2026
‘गड़बड़ी हुई तो अच्छे से खबर लेंगे’
वीडियो में अजय पाल शर्मा को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘जहांगीर के परिवार वाले यहां खड़े हैं, उन्हें ठीक से बता दो – हमें बार-बार खबरें मिल रही हैं कि उनके लोग धमकियां दे रहे हैं, हम इस पर कड़ी कार्रवाई करेंगे. बाद में पछताने और अफसोस करने की नौबत न आए’.उन्होंने कहा कि अगर गड़बड़ी हुई तो अच्छे से खबर लेंगे. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
टीएमसी और सपा ने उठाए सवाल
टीएमसी के भंगोर उम्मीदवार जहांगीर खान के परिवार को छापेमारी के दौरान चेतावनी देते हुए वायरल वीडियो में दिखाई देने के बाद विवादों में घिर गए. टीएमसी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी पर मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए एजेंटों को तैनात करके अपने पक्ष में मतदान को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, ‘योगी आदित्यनाथ के मुठभेड़ विशेषज्ञ अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग द्वारा दक्षिण 24 परगना के लिए पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. यह वही व्यक्ति है जिसकी पहचान ‘मुठभेड़ों’ में मारे गए लोगों की गिनती है और जिसकी असली विशेषता पुलिस वर्दी को निजी एटीएम और व्यक्तिगत प्रतिशोध के उपकरण में बदलना है’. पार्टी ने आगे कहा पाल के खिलाफ आपराधिक साजिश और महत्वपूर्ण सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.
‘दीदी यहां हैं, दीदी यहीं रहेंगी…’
वहीं समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा ‘पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने रामपुर और संभल में पर्यवेक्षकों के नाम पर अपने आजमाए हुए एजेंटों को भेजा है, लेकिन इनसे कुछ हासिल नहीं होगा. दीदी यहां हैं, दीदी यहीं रहेंगी!. सही समय आने पर बीजेपी और उनके सहयोगियों के इन ‘एजेंडा एजेंटों’ के सभी आपराधिक कृत्यों की गहन जांच की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. ये सभी अपंजीकृत भूमिगत सदस्य हैं जो अधिकारी बनकर घूम रहे हैं. हम इन्हें भागने या भूमिगत होने नहीं देंगे. इन्हें खोजकर बाहर निकाला जाएगा, इनकी पहचान उजागर की जाएगी और इन्हें इनके कुकर्मों के लिए कानूनी सजा दी जाएगी।लोकतंत्र के अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा’.
प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!
सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे एजेंडों के एजेंटों की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त pic.twitter.com/MlQuCiSn3p
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 27, 2026
बीजेपी ने किया शर्मा का समर्थन
इधर बीजेपी ने आईपीएस अधिकारी का समर्थन किया है. सोशल मीडिया परबीजेपी ने कहा कि शर्मा, जो यूपी पुलिस के मुठभेड़ विशेषज्ञ और ‘सिंघम’ हैं, को दक्षिण 24 परगना के पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है. पार्टी ने कहा ‘उन्होंने भाईपो के गुर्गे जहांगीर खान के परिवार के सदस्यों को कड़ी चेतावनी दी है. कोई भी इस चुनाव को पिछले 50 सालों में सबसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने से नहीं रोक सकता, और जो कोई भी होशियारी दिखाने की हिम्मत करेगा उसे सबक सिखाया जाएगा’.
कौन हैं अजय पाल शर्मा
अजय पाल शर्मा जो उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त हैं. वो अपनी सख्ती के लिए जाने जाते हैं. उनकी छवि ‘सिंघम’ की तरह है. उन्हें ‘यूपी का सिंघम’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ भी कहा जाता है. शर्मा अपने काम करने के तरीकों को लेकर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं.
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