Jalandhar News: जालंधर की ग्रोवर कॉलोनी में बिजली की तारों में लगी भयंकर आग, इलाके में मची अफरा-तफरी
जालंधर: जालंधर के इलाके में भयानक आग लगने की घटना सामने आई है। लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी ने अब शहर लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं। आज सोमवार सुबह जालंधर की ग्रोवर कॉलोनी में उस वक्त दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब सुबह ठीक 8:00 बजे अचानक बिजली की मुख्य तारों में भयंकर आग लग गई। चिलचिलाती गर्मी के कारण ओवरलोड हुई इन पुरानी तारों ने पल भर में ही आग का रौद्र रूप ले लिया।
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय जब लोग अपने दफ्तर जाने और बच्चे स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी बिजली के खंभे पर लगी तारों का गुच्छा शॉर्ट सर्किट का शिकार हो गया। पहले तेज चिंगारियां निकलीं और देखते ही देखते उन्होंने भयंकर लपटों का रूप धारण कर लिया। प्लास्टिक के जलने की बदबू और तारों के चटकने की तेज आवाजों से कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि लोगों को डर सताने लगा कि कहीं यह आग उनके घरों को अपनी चपेट में न ले ले। आनन-फानन में लोगों ने बचाव के लिए अपने घरों के मेन स्विच बंद कर दिए।
गनीमत यह रही कि समय रहते संबंधित अधिकारियों को सूचित कर बिजली की सप्लाई पीछे से काट दी गई। इससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद से पूरी ग्रोवर कॉलोनी की बिजली गुल हो गई है। बिना बिजली के इस चिलचिलाती गर्मी में निवासियों, खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की सप्लाई भी बाधित होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग (PSPCL) की कार्यप्रणाली के प्रति भारी रोष है। उनका कहना है कि हर साल गर्मियों के मौसम में बिजली की खपत बढ़ती है, लेकिन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जर्जर तारों को बदलने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
कॉलोनी वासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से सख्त मांग की है कि इलाके की खस्ताहाल तारों को तुरंत बदला जाए और लोड के हिसाब से उचित व्यवस्था की जाए। बुनियादी ढांचे की ऐसी अनदेखी कभी भी किसी बड़े जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल, बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और तारों की मरम्मत व बिजली बहाली का कार्य जारी है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.