हर 2 मिनट में एक टेक-ऑफ! जेवर एयरपोर्ट से अगले महीने शुरू होगा उड़ानों का सफर, 17 शहरों से सीधे जुड़ें
Jewar Airport Latest Update: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नए पंख लगने वाले हैं. देश के सबसे महत्वाकांक्षी एविएशन प्रोजेक्ट, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. हाल ही में संपन्न हुई यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) की बोर्ड बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया है कि अगले माह यानी मई के अंत तक एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो विमानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
जेवर एयरपोर्ट प्रशासन ने पहले चरण में 17 घरेलू रूटों पर उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है. हालांकि, शहरों की अंतिम सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ और उत्तर भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्र शामिल होंगे.
प्रबंधन ने इसके लिए तीन प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों के साथ शुरुआती दौर की वार्ता पूरी कर ली है. यात्रियों को किफायती सफर देने के लिए शुरुआत में लो-कॉस्ट करियर (Low-cost airlines) को प्राथमिकता दी जा रही है. घरेलू उड़ानों के सफल संचालन के बाद ही अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर विचार किया जाएगा.
हर 2 मिनट में उड़ान भरने की क्षमता
बोर्ड बैठक में एयरपोर्ट की क्षमता और विस्तार को लेकर कई अहम तकनीकी फैसले लिए गए. अगले दो सालों में विमानों की पार्किंग के लिए 25 नए स्टैंड बनाए जाएंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश होगा. वर्तमान में 28 स्टैंड पूरी तरह तैयार हैं. जेवर एयरपोर्ट के रनवे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां से हर 2 मिनट में एक विमान टेक-ऑफ या लैंड कर सकेगा. यह क्षमता इसे दुनिया के बेहतरीन एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करती है.
बिजनेस क्लास यात्रियों के लिए आधुनिक लाउंज और प्रीमियम वेटिंग ज़ोन विकसित किए जा रहे हैं. साथ ही, एयरपोर्ट परिसर के भीतर निर्माणाधीन भव्य होटल को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
सुरक्षा मंजूरी और गृह मंत्रालय की क्लीयरेंस
हवाई सफर शुरू करने के लिए सबसे अनिवार्य एरोड्रम लाइसेंस और एएसपी (Aerodrome & ASP) सुरक्षा मंजूरियों पर काम तेज हो गया है. यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह के अनुसार, गृह मंत्रालय द्वारा उठाई गई कुछ तकनीकी आपत्तियों का समाधान कर लिया गया है. इसी महीने के भीतर सभी आवश्यक क्लीयरेंस मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि मई से बिना किसी बाधा के ऑपरेशन शुरू किया जा सके.
पश्चिमी यूपी के लिए गेम चेंजर साबित होगा जेवर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र का आर्थिक इंजन बनेगा. कार्गो उड़ानें शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़ और आगरा के निर्यातकों को सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलेगी. इसके शुरू होने से लॉजिस्टिक, पर्यटन और रियल एस्टेट सेक्टर में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे. दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए यह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) का एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प बनेगा, जिससे हवाई यातायात का दबाव कम होगा. जेवर एयरपोर्ट का शुरू होना उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.
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