IDA सरकार को लगाया जा रहा आर्थिक चुना,प्राधिकरण प्रशासनिक अधिकारी पोरवाल बांट रहे रेवड़ी,नियमकायदों को ताक पर रख,लाखों का एरियर भुगतान, लेकिन जिम्मेदार फिर भी अनजान?
IDA, और सरकार को लगाया जा रहा चुना,प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल बांट रहे अपने चहेतों को रेवड़ियां,मिलीभगत की भी आ रही बू,मामला भी कुछ ऐसा,आर्थिक हानि पहुंचाने का मामला नंबर एक,,, जिसमें बांट दिए लाखों रुपए,आर्थिक गबन के दर्जनों मामले जिनका अब होगा सिलसिलेवार खुलासा।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण में आर्थिक अनियमितताओं का जैसे दौर चल रहा हैं। यहां के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की आंखों में धूल झोंक दी हैं। क्योंकि राजेंद्र पोरवाल ने अपने अपनो को रेवड़ी तो बांटी ही है। साथ ही इस रेवड़ी की मिठास कहा तक पहुंची है। ये अब जांच का विषय है क्योंकि राजेंद्र पोरवाल ने कुछ ऐसे ही कारनामों को अंजाम दिया है। जिसकी वजह से जहां प्राधिकरण को लाखों की आर्थिक हानि उठानी पड़ी हैं। वहीं दूसरी तरफ पोरवाल ने बकायदा योजनांतर्गत वरिष्ठ अधिकारियों को उल्टे आर्थिक अनियमितताओं में शामिल तक कर लिया हैं।

ये है मामला जिसकी किसी को भनक तक नहीं।

इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने प्राधिकरण को आर्थिक हानि पहुंचाई है। विश्वनीय सूत्र बताते है खुद जमकर मलाई खाई हैं।दरअसल इंदौर विकास प्राधिकरण में शासन द्वारा समयपाल के तीस पद स्वीकृत हैं। जिनका वेतनमान 5220₹ और 20200₹ साथ ही ग्रेड पे शासन ने 1800₹ तय कर रखी हैं। लेकिन पोरवाल ने बड़े ही सटीक तरीके से एक बड़ा मामला जमाया और पोरवाल ने प्राधिकरण से इन समयपालों को शासन द्वारा तय ग्रेड पे 1800₹ की बजाय 1900₹ के अनुसार प्राधिकरण से प्रति कर्मचारी पांच पांच लाख रुपए और दस दस लाख रूपये की एरियर राशि इन समयपाल को दिलवा दिए। अब सूत्र बताते है कि इस योजनाबद्ध तरीके से एरियर की हड़पी गई राशि में से प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल का भी गला तर हुआ है। उन्हें भी उक्त एरियर की राशि में से अपना हिस्सा बकायदा मिल गया हैं। दरअसल उक्त गबन के लिए ही ये एरियर का खेल रचा गया था।

जांच हुई तो खुलेगी दर्जनों पोलपट्टी
न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम लगातार इंदौर विकास प्राधिकरण में व्याप्त आर्थिक अनियमितताओं और जादूगरी की पोल खोलता आ रहा हैं। इधर उक्त एरियर के नाम पर हुए गबन की जांच होती है तो पोरवाल सहित अन्य लोगों का नपना तय हैं।

अभी तो शुरुआत पोरवाल के सैकड़ों मामलों का होगा अब रोजाना खुलासा।

न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम की पिछली खबरों में इंडोर विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार की सिलसिलेवार पोल खोली गई थी। जिससे कई हितग्राहियों को लाभ भी हुआ है। लिहाजा अब इंदौर विकास प्राधिकरण में व्याप्त आर्थिक हानि के दर्जनों मामलों का खुलासा किया जाएगा जिसमें प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल की पूरी तरह से संलिप्तता हैं।