School Inspection: मेले के बहाने स्कूल से गायब थे शिक्षक, कलेक्टर ने रास्ते में पकड़ ली पोल; अब होगी बड़ी कार्रवाई
शिवपुरी: कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों के हालातों को सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं. इसी के चलते पिछले लंबे समय से वह स्कूलों में भ्रमण पर जाते रहते हैं. इसी क्रम में गुरुवार को वह कोलारस क्षेत्र के कुछ स्कूलों में निरीक्षण करने पहुंचे. जहां उन्होंने शिक्षा के बदतर हालातों को लेकर काफी नाराजगी जाहिर की.
स्कूल में केवल 9 बच्चे मिले उपस्थित
कलेक्टर जब शासकीय प्राथमिक विद्यालय टीला में पहुंचे तो वहां स्कूल में सिर्फ नौ बच्चे उपस्थित मिले, जबकि स्कूल में उपस्थित शिक्षकों की संख्या 6 थी. कलेक्टर ने शिक्षकों से पूछा कि आपके स्कूल में सिर्फ नौ ही बच्चे हैं क्या…?, स्कूल के हालातों को देखते हुए उनका कहना था कि, यहां तो हालात यह हैं कि, शिक्षकों की संख्या, विद्यार्थियों की संख्या से ज्यादा है. इस पर स्कूल में उपस्थित शिक्षकों ने कलेक्टर से झूठ बोलते हुए कहा कि, ”यहां एक मेला लगा है, बच्चे वहां चले गए हैं, इस कारण आज बच्चे नहीं आए हैं.”
टीचर्स ने बनाया मेला का बहाना, खेलते मिले बच्चे
कलेक्टर स्कूल से निकल आए लेकिन जब वह स्कूल से थोड़ा सा ही आगे चले तो उन्हें गांव में बहुत सारे बच्चे खेलते हुए मिले. कलेक्टर ने अपनी कार रूकवाई और वह बच्चों से बात करने पहुंच गए. उन्होंने बच्चों से पूछा कि, आप लोग स्कूल क्यों नहीं जाते हो? इस पर बच्चों ने उन्हें बताया कि स्कूल में न तो शिक्षक आते हैं और न ही पढ़ाते हैं. खास बात यह रही कि स्कूल में कलेक्टर को स्कूल प्रभारी ही अनुपस्थित मिले.
इस पर कलेक्टर ने भ्रमण में उनके साथ मौजूद बीईओ राहुल भार्गव को निर्देश देते हुए कहा कि, स्कूल प्रभारी पर कार्रवाई की जाए. कलेक्टर का कहना था कि ”यहां पर बच्चों को स्कूल लाने के लिए स्टाफ द्वारा किसी भी तरह का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है, जो बेहद ही शर्मनाक है.”
प्रावि आदिवासी बस्ती पड़ोरा में लटके मिले ताले
कलेक्टर जब शासकीय प्राथमिक विद्यालय पड़ोरा में पहुंचे तो वहां पर सरिता नाम की एक शिक्षिका अनुपस्थित मिली. इसके बाद कलेक्टर पड़ोरा की आदिवासी बस्ती में स्थित प्राथमिक विद्यालय में पहुंचे, जहां कलेक्टर चौधरी को स्कूल में ताले लटके मिले. कलेक्टर ने यहां पर बीईओ को सरिता सहित पूरे स्टाफ के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं.
पोषण आहार की खराब गुणवत्ता पर जताई नाराजगी
कलेक्टर चौधरी गोरा टीला की आंगनबाड़ी पर भी निरीक्षण के लिए पहुंचे. यहां स्थिती यह थी कि कलेक्टर, कार्यकर्ता से पहले आंगनबाड़ी पर पहुंच गए. आंगनबाड़ी की व्यवस्थाएं काफी खराब थीं, वहां जो पोषण आहार मिला उसकी गुणवत्ता काफी खराब थी. ऐसे में कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए उसे चेतावनी दी है कि आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं में और पोषण आहार की गुणवत्ता में सुधार किया जाए, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कलेक्टर कोलारस में भ्रमण में आए थे. भ्रमण के दौरान वह पड़ोरा, धर्मपुरा, टीला, सुनाज के स्कूलों में गए थे. उन्हें स्कूलों में काफी अनियमितताएं मिली हैं. कलेक्टर ने बीईओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
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