बंगाल में एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं, जो कि पहले मौजूद 7.6 करोड़ मतदाताओं का करीब 11.9 फीसदी है. हटाए गए नाम उन मामलों से संबंधित हैं जो सत्यापन (adjudication) के लिए गए थे. एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से अब तक कुल हटाए गए नामों की संख्या 90.83 लाख से अधिक रही. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जांच में 60.06 लाख में से 27.16 लाख विवेचनाधीन मतदाताओं के नाम हटाए गए.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नवंबर-2025 में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से मतदाताओं की संख्या का करीब 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख नाम हटा दिए गए, जिससे मतदाता आधार करीब 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गया. 7.04 करोड़ में 60.06 लाख से ज्यादा मतदाता ऐसे थे, जिन्हें विवेचनाधीन कैटेगरी में रखा गया था.
दिनाजपुर में 58% और कोलकाता में 36.3% नाम हटे
इसी तरह दक्षिण दिनाजपुर में 58%, दार्जिलिंग में 55.3% और उत्तर 24 परगना में 55.1% नाम हटे. वहीं पश्चिम बर्धमान में 53.8%, कूचबिहार में 50.7%, पश्चिम मिदनापुर में 50.6%, हावड़ा में 45.6%, अलीपुरद्वार में 44.8% और दक्षिण 24 परगना में 43 फीसदी नाम हटाए गए. मुर्शिदाबाद में 41.8%, बीरभूम में 40.6%, कालिम्पोंग में 35.4% और कोलकाता में 36.3% नाम हटे. जबकि पूर्व मिदनापुर में 33.3%, जलपाईगुड़ी में 32.7%, मालदा में 28.9%, झारग्राम में 18.6%, पुरुलिया में 17.7% और बांकुड़ा में 16.7% नाम हटे हैं.
| विधानसभा चुनाव-2021 में किसे कितना वोट मिला | ||
|---|---|---|
| जिला | भारतीय जनता पार्टी (%) | तृणमूल कांग्रेस (%) |
| कूचबिहार | 49.07% | 44.42% |
| अलीपुरद्वार | 49.70% | 41.11% |
| जलपाईगुड़ी | 45.91% | 43.04% |
| कालिम्पोंग | 35.09% | 20.57% |
| दार्जिलिंग | 49.15% | 28.01% |
| उत्तर दिनाजपुर | 36.98% | 52.78% |
| दक्षिण दिनाजपुर | 42.64% | 46.48% |
| मालदा | 32.49% | 52.44% |
| मुर्शिदाबाद | 23.75% | 53.38% |
| नादिया | 43.47% | 44.04% |
| उत्तर 24 परगना | 34.38% | 48.56% |
| दक्षिण 24 परगना | 31.53% | 51.87% |
| कोलकाता | 29.09% | 60.47% |
| हावड़ा | 36.16% | 50.35% |
| हुगली | 39.83% | 47.14% |
| पूर्व मेदिनीपुर | 46.90% | 46.85% |
| पश्चिम मेदिनीपुर | 42.67% | 85.82% |
| झारग्राम | 37.15% | 85.80% |
| पुरुलिया | 41.34% | 40.54% |
| बांकुरा | 44.54% | 43.48% |
| पूर्व बर्धमान | 39.54% | 47.47% |
| पश्चिम बर्धमान | 42.11% | 44.79% |
| बीरभूम | 39.22% | 51.50% |
कई जगहों पर डिलीशन रेट काफी हाई
बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत और SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के आंकड़ों की तुलना करें तो दिलचस्प पैटर्न सामने आता है. जिन जिलों में 2021 में टीएमसी को बढ़त मिली थी, वहां कई जगहों पर डिलीशन रेट काफी हाई है. हालांकि, बीजेपी भी इससे अछूती नहीं है. 2021 में जिन जिलों में बीजेपी का प्रभाव देखा गया वहां भी कुछ ऐसा ट्रेंड देखने को मिलता है. जैसे कि कूचबिहार में 2021 में बीजेपी को 49.07% वोट मिला था. एसआईआर में यहां 50.07 फीसदी वोट कटे हैं.
कूचबिहार के साथ ही अलीपुरद्वार जहां 2021 में बीजेपी को 49.70% फीसदी वोट मिला था, वहां 44.8% नाम हटे हैं. कुछ जिलों में 2021 में जहां मुकाबला बेहद करीबी था वहां भी डिलीशन रेट हाई रहा है. जैसे पूर्व मिदनापुर (BJP 46.90 फीसदी और TMC 46.85 फीसदी) में 33.3 फीसदी नाम कटे हैं. बांकुड़ा में 16.7% डिलीशन हुआ. इसी तरह पुरुलिया में केवल 17.7% डिलीशन हुआ.
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