Indore, मामला 72 बीघा जमीन फर्जी नामांतरण का,कलेक्टर शिवम वर्मा का साफ कहना राजस्व मामलों में अनियमितता- लापरवाही बर्दाश्त नहीं,खुड़ैल तहसील पटवारी रोहित तिवारी, नायाब तहसीलदार,ग्रेड 3 महिला कर्मचारी मीणा यादव नपे,
मामला भिंगारिया की जमीन 72 बीघा जमीन के फर्जी नामांतरण का,


कलेक्टर की वृक्रदृष्टि,खुड़ैल तहसील पटवारी मामले के मास्टर माइंड रोहित तिवारी सहित महिला कर्मचारी मीना यादव सस्पेंड,नायब तहसीलदार दयाराम निगम को तीन दिनों का समय, वर्ना हो सकते हैं सस्पेंड।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर।
खुड़ैल तहसील किस तरह से रिश्वतखोर,शराबखोरो,और मनमाने तरीके का अड्डा बन गई थी। उसका खुलासा भिंगारिया की 72 जमीन के फर्जी नामांतरण मामले ने साबि कर दिया। खैर उक्त मामले में पर्दाफाश के बाद इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने पटवारी रोहित तिवारी,सहायक ग्रेड तीन कर्मचारी मीना यादव को सस्पेंड कर दिया हैं। इधर इनके अफसर यानी नायाब तहसीलदार दयाराम निगम को तीन दिनों का कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

कलेक्टर के अपर कलेक्टर को आगे की कार्यवाही के आदेश।
खुड़ैल तहसील की गांव भिंगारिया की 72 बीघा जमीन जो कि संजीव कानूनगो, सुरेश कानूनगो, अजय कुमार त्रिवेदी, राजश्री जोशी, धर्मेंद्र कानूनगो, इंदु जोशी के संयुक्त खाते की हैं। लेकिन पटवारी रोहित तिवारी की रिश्वतखोरी की भूख और खुड़ैल तहसील में इसे व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के चलते दूसरे पक्षों के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में चढ़ाई जा चुकी थी। जबकि अब पटवारी रोहित तिवारी, नायाब तहसीलदार दयाराम निगम,मीना यादव पर कार्यवाही के बाद अब आगे जो जो लोग दोषी है उन पर कार्यवाही किए जाने की जिम्मेदारी कलेक्टर शिवम वर्मा ने अपर कलेक्टर रोशन रॉय, को दे दी हैं।

इस तरह की लापरवाहियां बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा और किया कि इस तरह के राजस्व कार्यों में लापरवाहियां,अनियमितताएं,बर्दाश्त नहीं की जाएगी।