हाजीपुर: गांव जुगियाल के एक गरीब परिवार के युवक राज कुमार, जो सुनहरे भविष्य की तलाश में इटली गया था, का पार्थिव शरीर आज 36 दिनों के बाद उसके पैतृक गांव पहुंचा । इलाके के गणमान्य व्यक्तियों और भारी जनसमूह की मौजूदगी में नम आंखों से राज कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के माल विभाग के चौकीदार आत्मा राम का पुत्र राज कुमार करीब डेढ़ साल पहले घर की गरीबी दूर करने और रोजी-रोटी कमाने के लिए इटली गया था।
परिवार को उम्मीद थी कि राज कुमार के विदेश जाने से घर के हालात सुधरेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बताया जा रहा है कि राज कुमार की मौत से महज एक महीना पहले ही वहां उसके दस्तावेज पक्के हुए थे। दुर्भाग्यवश, 17 फरवरी को वह एक हादसे का शिकार हो गया। अस्पताल में उपचाराधीन रहते हुए 28 फरवरी को उसने अंतिम सांस ली। कागजी कार्रवाई और अन्य कारणों से उसके शव को भारत लाने में 36 दिनों का समय लग गया। मृतक अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, एक भाई और दो बहनों को छोड़ गया है। जवान बेटे की मौत के कारण परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आज जब राज कुमार का शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के अवसर पर बाबा हरि दास दरबार के संचालक महंत मस्ता नंद, भाजपा नेता सुशील कुमार पिंकी, युवा नेता और समाज सेवक अंकित राणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने शिरकत की और पीड़ित परिवार के साथ दुख साझा किया।
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