उत्तराखंड के देहरादून से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां रायपुर थाने की हवालात में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के प्रधान सहायक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. इस घटना से विभाग में हड़कंप मच गया. मौक पर विभाग के आईजी राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल समेत कई अधिकारी पहुंचे.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर ढाई बजे सर्वे चौक स्थित पेट्रोल पंप पर युवा कल्याण एवं पीआरडी विभाग के प्रधान सहायक सुनील रतूड़ी (45) कार में तेल भरवाने गए थे. उनकी पैसों को लेकर पंप कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई. इसके बाद सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची. पुलिस का दावा है कि एल्कोमीटर की जांच में पता चला की वह शराब के नशे में थे. इसके बाद उन्हें किसी तरह साथी पुलिसकर्मी रायपुर थाने लेकर पहुंचे. लेकिन उनका हंगामा यहां भी नहीं थमा. हंगामा करने पर उन्हें हवालात में बंद कर दिया गया.
वहीं, करीब शाम साढ़े पांच बजे हवालात में उनके गिरने की आवाज आई. पुलिसकर्मियों ने देखा कि सुनील ने कंबल को गेट में बांधकर फांसी लगाई थी. हालांकि, मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकार ने मामले की तहकीकात की. वहीं, एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया की मामले की जांच की जा रही है.
पुलिस कर्मचारियों पर एक्शन
हवालात में पीआरडी के प्रधान लिपिक सुनील द्वारा आत्महत्या के मामले में एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने एसओ, महिला जवान समेत चार पुलिस जवानों को लाइन हाजिर कर दिया है. एसएसपी ने बताया कि घटना में पारदर्शी जांच के लिए एसओ गिरीश नेगी, महिला एसआई रजनी चमोली, हेड कांस्टेबल सतीश निगरानी ड्यूटी, कांस्टेबल ज्योति रावत को लाइन हाजिर किया है.
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