Indore Traffic News: इंदौर के MR-10 ब्रिज पर टोल नाका हटते ही बना नया ‘ब्लैक स्पॉट’; रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बढ़े हादसे
इंदौर: स्वच्छता के बाद अब इंदौर शहर को ट्रैफिक प्रबंधन में भी देश में नंबर-वन बनाने और सड़कों से दुर्घटना जनित ‘ब्लैक स्पॉट’ (Black Spots) को पूरी तरह खत्म करने की प्रशासनिक कवायद लगातार जारी है। इसी बीच, शहर के व्यस्ततम एमआर-10 (MR-10) ब्रिज पर पुराने टोल नाका के पास अब एक नया और बेहद खतरनाक ब्लैक स्पॉट उभरकर सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ब्रिज पर पिछले कई वर्षों से स्थापित टोल नाका को हाल ही में हटा दिया गया है, जिसके चलते एमआर-10 ब्रिज से उतरने वाले भारी और दोपहिया वाहन अब अत्यधिक तेज गति से आते हैं। संकट तब खड़ा होता है जब मुख्य सड़क के डिवाइडर में कोई कट या क्रॉसिंग स्पेस नहीं मिलता, जिसके कारण वाहन चालकों को दूसरी तरफ जाने के लिए करीब 70 से 80 मीटर तक मजबूरी में गलत दिशा (Wrong Side) में गाड़ी चलानी पड़ती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक रॉन्ग साइड से गाड़ियां आने के कारण रोजाना गंभीर दुर्घटना की स्थिति बन रही है।
🏘️ न्यू विजय नगर और कालिंदी कुंज कॉलोनी के रहवासी परेशान: जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर ने आईडीए (IDA) को दिए निर्देश
भौगोलिक स्थिति के अनुसार, इसी मुख्य एमआर-10 ब्रिज से होकर हर दिन बड़ी संख्या में न्यू विजय नगर, कालिंदी कुंज सहित आसपास की अन्य आधा दर्जन से अधिक विकसित कॉलोनियों के रहवासी और वाहन चालक अपने गंतव्य के लिए आते-जाते हैं। डिवाइडर की इस तकनीकी खामी के कारण क्षेत्र में आए दिन हो रहे हादसों से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। हाल ही में आयोजित हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक में भी जनहित का यह संवेदनशील मुद्दा प्रमुखता से उठा था, जिस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए इंदौर कलेक्टर ने इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) और यातायात पुलिस (Indore Traffic Police) को संयुक्त रूप से मौका मुआयना कर समस्या का स्थाई तकनीकी निराकरण करने के कड़े आदेश जारी किए थे।
🚧 लवकुश चौराहा मार्ग का स्वामित्व इंदौर विकास प्राधिकरण के पास: ट्रैफिक पुलिस ने कहा—हादसे रोकने के लिए लगाया गया है प्रीकास्ट
प्रशासनिक सीमाओं की बात करें तो, एमआर-10 टोल नाका से लेकर प्रसिद्ध लवकुश चौराहा तक की इस मुख्य और चौड़ी सड़क का वास्तविक स्वामित्व और रखरखाव का जिम्मा पूरी तरह से इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के पास है। इसी वजह से डिवाइडर में नया कट बनाने या रोटरी का निर्माण करने का काम आईडीए के स्तर पर ही लंबित है। दूसरी तरफ, पूरे मामले पर इंदौर यातायात विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अस्थाई तौर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए एमआर-10 ब्रिज के प्रभावित हिस्से पर ‘प्रीकास्ट’ (कंक्रीट ब्लॉक) लगाकर एक अस्थाई चौराहे का स्वरूप दे दिया है। पुलिस का दावा है कि इस अस्थाई व्यवस्था को लागू करने के बाद से पिछले कुछ दिनों में तेज रफ्तार गाड़ियों के आपस में टकराने की दुर्घटनाओं में कुछ हद तक कमी जरूर दर्ज की गई है, हालांकि रहवासियों के हित में इसका एक परमानेंट और सुरक्षित डिजाइन तैयार किया जा रहा है।
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