MCB News: घटई की ओदारी नदी में अवैध रेत उत्खनन पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, प्रशासन ने जब्त की पोकलेन और 9 हाइवा
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: छत्तीसगढ़ के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घटई की ओदारी नदी में धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आया। पूर्व सरपंच शांति बैगा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और पुरुष नदी क्षेत्र में पहुंच गए और रेत खदान को तुरंत पूरी तरह बंद कराने की मांग को लेकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लंबे समय से नदी के सीने को चीरकर भारी मशीनों और हाइवा वाहनों के माध्यम से अवैध रेत निकाली जा रही थी, जिससे न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ गया है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा पर भी भारी खतरा मंडरा रहा है।
🚜 प्रशासन की संयुक्त टीम का बड़ा एक्शन: 9 हाइवा और 1 पोकलेन मशीन जब्त, पंचायत भवन और थाने भेजे गए वाहन
मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए भरतपुर के तहसीलदार एवं जिला खनिज विभाग की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चल रही 1 भारी पोकलेन मशीन और 9 हाइवा वाहनों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया। बताया गया कि कार्रवाई की भनक लगते ही कई अन्य हाइवा चालक बिना रेत लोड किए ही मौके से भाग निकले। जब्त की गई पोकलेन मशीन को सुरक्षा के लिहाज से ग्राम पंचायत भवन परिसर में रखवाया गया है, वहीं पांच हाइवा वाहनों को जनकपुर थाना लाया गया है। जानकारी के अनुसार, जब इन वाहनों को थाने लाया गया तब हड़बड़ी में उनमें रेत नहीं भरी हुई थी।
🔍 जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने किया निरीक्षण: खनिज अधिकारी से फोन पर बात कर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग
अवैध माइनिंग की सूचना मिलने पर जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह भी तुरंत मौके पर पहुंचीं और उन्होंने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के साथ मिलकर पूरे खदान क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नदी के भीतर नियमों को ताक पर रखकर की गई कई गंभीर अनियमितताएं और गहरे गड्ढे सामने आए। इसके बाद उन्होंने मौके से ही जिला खनिज अधिकारी से फोन पर लंबी चर्चा की और इस अवैध कारोबार में शामिल रसूखदारों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
🌙 रात 3 बजे तक चलती हैं भारी मशीनें: ग्रामीणों का आरोप—विरोध करने पर मिलती है जान से मारने की धमकी
स्थानीय ग्रामीण महिला उषा सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “रात के समय लगातार नदी से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही थी। कुछ रसूखदार और बाहरी लोग रातभर नदी क्षेत्र में हथियारों और लाठियों के साथ मौजूद रहते हैं और यदि कोई ग्रामीण इसका विरोध करने की कोशिश करता है, तो उन्हें सरेआम धमकाया जाता है।” उन्होंने आगे कहा कि रात के 3-3 बजे तक नदी में भारी पोकलेन मशीनें चलती हैं। मशीनों ने नदी को इतना गहरा और खतरनाक कर दिया है कि अगर स्थानीय बच्चे वहां नहाने या महिलाएं पानी भरने जाएं तो पैर फिसलते ही बड़ा हादसा हो सकता है। अगर इस लापरवाही में किसी मासूम की जान चली गई तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीण अब किसी भी हालत में मशीनों से उत्खनन नहीं होने देंगे।
⚠️ 15 फीट गहरे गड्ढों से मंडराया जान का खतरा: पूर्व सरपंच शांति बैगा ने दी उग्र आंदोलन की कड़ी चेतावनी
पूर्व सरपंच शांति बैगा ने बताया कि शुक्रवार रात को ही जागरूक ग्रामीणों ने लामबंद होकर रेत से भरे कुछ वाहनों को रोक दिया था, जिसके बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी लिखित सूचना दी गई। मशीनों से अवैध खुदाई कर नदी को करीब 10 से 15 फीट तक गहरा कर दिया गया है। हम लोग चाहते हैं कि यह विनाशकारी खदान पूरी तरह और हमेशा के लिए बंद हो। नदी में इतने गहरे गड्ढे हो चुके हैं कि लोग पानी भरने और बच्चे नहाने जाते हैं तो हर पल जान का खतरा बना रहता है। यहाँ से रोजाना 35 से 40 डंपर रेत निकाली जा रही थी। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में मशीनों के उपयोग पर पूरी तरह रोक नहीं लगी, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.