Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क... INDORE मुख्यमंत्री के प्रभार का शहर,खतरे में इंदौर की जनता, ना निगमायुक्त को फ़िक्र,न किसी और को चिंत... दतिया उपचुनाव mp में नहीं बदलेगा टिकट, भाजपा का क्लेश ख़त्म! सीएम,प्रदेश अध्यक्ष,नरोत्तम मिश्रा की ब... दतिया उपचुनाव,भाजपा में बगावती दौर,वरिष्ठ नेता लगे डेमेज कंट्रोल में,नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक वनवा... INDORE आईडीए में फर्जीवाड़ा,गिरोह के तीन सदस्य धराएं,एक गिरोह अभी भी पुलिस की जद से बाहर,तीन आरोपित ... INDORE पार्ट 4, पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप कर्ताधर्ता और विकासकर्ता,गिट्टी मुरम चो... INDORE महाजाम से परेशान आमजनता,कलेक्टर ने संभाला मोर्चा,MPRDC,मेट्रो,PWD,IDA के अधूरे निर्माण बनी मु... INDORE पार्ट THREE पर्यावरण का दुश्मन रॉयल ग्रीन काउंटी टाउनशिप,सरकारी जमीन निजी सड़क,तालाब पर कब्ज़ा...

Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द

16

संतकबीरनगर: ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने बस्ती मंडल के कमिश्नर और संतकबीरनगर के डीएम द्वारा जारी मदरसा ध्वस्तीकरण और जमीन को सरकारी घोषित करने के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी जमीन को सरकारी घोषित करने का अधिकार केवल एसडीएम (SDM) कोर्ट के पास है, जबकि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया।

📝 मदरसा कमेटी की याचिका: बिना उचित नोटिस के कार्रवाई का लगाया आरोप

मदरसा कमेटी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि प्रशासन ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए और पर्याप्त नोटिस दिए बिना मदरसे पर बुलडोजर चलाया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और पूरी कार्रवाई को प्रथम दृष्टया अवैध बताया। कमेटी ने अब अवैध ध्वस्तीकरण के लिए उचित मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

📋 विवाद की पृष्ठभूमि: 2024 में दर्ज हुई थी अवैध निर्माण की शिकायत

इस मामले की शुरुआत 2024 में हुई थी, जब खलीलाबाद गांव निवासी अब्दुल हकीम ने एसडीएम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। नवंबर 2025 में एसडीएम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। मदरसा कमेटी ने इस आदेश को पहले डीएम और फिर बस्ती मंडलायुक्त के पास चुनौती दी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। 25 अप्रैल 2026 को अपील खारिज होने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी।

🚜 13 घंटे चला बुलडोजर: भारी पुलिस बल की तैनाती में ढहाया गया निर्माण

अपील खारिज होते ही 25 और 26 अप्रैल को प्रशासन ने मदरसे पर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की। करीब 13 घंटे तक चली इस कार्रवाई में बाउंड्री वॉल और 10 से अधिक पिलर तोड़ दिए गए। अगले दिन दो पोकलेन मशीनों और पांच बुलडोजरों के साथ अभियान फिर शुरू हुआ, लेकिन मजबूत पिलरों की वजह से इसे रोकना पड़ा। इस दौरान मौके पर 30 महिला पुलिसकर्मियों समेत करीब 100 पुलिसकर्मी और पीएसी (PAC) की दो कंपनियां तैनात थीं।

🛑 हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: 27 अप्रैल को लगाई थी रोक, अब आदेश किया निरस्त

कार्रवाई के बीच ही 27 अप्रैल को हाईकोर्ट ने मदरसे पर आगे की किसी भी तोड़फोड़ पर रोक लगा दी थी। अब विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने 14 नवंबर 2025 के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया है, जिसमें जमीन को ‘स्टेट लैंड’ घोषित किया गया था। कोर्ट के इस फैसले से जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं मदरसा प्रबंधन ने इसे न्याय की जीत बताया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!