गूगल ने नए Gmail अकाउंट बनाने वाले यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव कर दिया है। अब हर नए गूगल अकाउंट को पहले की तरह सीधे 15GB फ्री स्टोरेज नहीं मिलेगा। कंपनी ने नई पॉलिसी लागू करते हुए कहा है कि 15GB स्टोरेज पाने के लिए यूजर को अपना फोन नंबर वेरिफाई करना होगा। बिना नंबर वेरिफिकेशन के नए अकाउंट को केवल 5GB स्टोरेज दिया जाएगा। यह बदलाव Gmail, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज तीनों सेवाओं पर लागू होगा। कंपनी का कहना है कि इससे फर्जी अकाउंट और स्टोरेज के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद मिलेगी।
📉 अब बिना फोन नंबर के मिलेगा सिर्फ 5GB: “Up to 15GB” हुई नई टैगलाइन
अब तक नया गूगल अकाउंट बनाते ही यूजर्स को कुल 15GB फ्री क्लाउड स्टोरेज मिल जाता था। लेकिन अब गूगल ने यूजर्स को नोटिस भेजकर बताया है कि नए अकाउंट को शुरुआत में केवल 5GB स्टोरेज मिलेगा। अगर यूजर अपना फोन नंबर वेरिफाई करेगा, तभी उसे पूरा 15GB फ्री स्टोरेज अनलॉक किया जाएगा। कंपनी ने अपने सपोर्ट पेज की भाषा भी बदल दी है। पहले जहां 15GB फिक्स स्टोरेज का जिक्र होता था, अब उसे बदलकर “up to 15GB” कर दिया गया है। यानी अब पूरी स्टोरेज सभी को ऑटोमैटिक नहीं मिलेगी।
🤖 गूगल ने क्यों लिया यह सख्त फैसला: बॉट्स और फर्जी अकाउंट्स पर लगाम की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल यह बदलाव फर्जी अकाउंट और बॉट्स को रोकने के लिए कर रहा है। कंपनी का मानना है कि कई लोग और ऑटोमेटेड सिस्टम बार-बार नए अकाउंट बनाकर फ्री स्टोरेज का गलत इस्तेमाल करते हैं। फोन नंबर वेरिफिकेशन की मदद से गूगल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि एक व्यक्ति को सीमित फ्री स्टोरेज ही मिले। इसके अलावा, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और मेमोरी की बढ़ती लागत भी इस फैसले की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। गूगल अब अपने फ्री स्टोरेज सिस्टम को ज्यादा नियंत्रित तरीके से चलाना चाहता है।
🛡️ प्राइवेसी और सुविधा पर सवाल: क्या सुरक्षित है आपका डेटा?
गूगल के इस नए नियम ने यूजर्स के बीच प्राइवेसी को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है। कई लोग केवल ईमेल इस्तेमाल करने के लिए अपना व्यक्तिगत फोन नंबर शेयर नहीं करना चाहते। ऐसे यूजर्स को अब सीमित स्टोरेज (5GB) में ही काम चलाना होगा। दूसरी तरफ, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्पैम और फर्जी ईमेल पर लगाम लगेगी। फिलहाल यह बदलाव केवल नए अकाउंट्स पर लागू हो रहा है और पुराने अकाउंट्स पर इसका कोई असर नहीं बताया गया है। हालांकि, भविष्य में गूगल अपनी नीतियों को और भी सख्त बना सकता है।
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