Rohtak News: घोड़ी पर सवार होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे नवीन जयहिंद, पीएम मोदी की अपील का किया समर्थन
रोहतक: हरियाणा के बेबाक नेता और जयहिंद सेना के प्रमुख नवीन जयहिंद एक बार फिर अपने अनूठे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। रोहतक में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयहिंद घोड़ी पर सवार होकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने और सादगी अपनाने की जो अपील की है, वे उसका समर्थन करते हैं और खुद उदाहरण पेश करने के लिए वाहन छोड़कर घोड़ी पर आए हैं।
⚖️ प्रधानमंत्री की अपील पर सीधा सवाल: “क्या देश के माननीय भी करेंगे सादगी का पालन?”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयहिंद ने सीधा सवाल दागते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, विदेश में शादियां न करने, स्वदेशी अपनाने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसी अपीलें की हैं। उन्होंने कहा, “मैं इन अपीलों का पालन कर रहा हूँ, लेकिन क्या देश के माननीय भी ऐसा करेंगे?” जयहिंद ने मांग की कि नियम और त्याग केवल आम जनता के लिए नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों के लिए भी होने चाहिए।
🏛️ चारों स्तंभों को नसीहत: त्याग और जिम्मेदारी निभाने में आगे आएं खास लोग
प्रधानमंत्री की हालिया अपीलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अगर देशहित में आम जनता से त्याग की अपेक्षा की जा रही है, तो देश के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और देश के चारों स्तंभों — विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका और मीडिया — को भी आगे आकर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिवर्तन तभी आता है जब शीर्ष पर बैठे लोग खुद को पहले अनुशासन में ढालते हैं।
💰 सैलरी और पेंशन दान करने की मांग: जयहिंद ने नेताओं को दिया बड़ा सुझाव
प्रधानमंत्री की अपीलों का समर्थन करते हुए जयहिंद ने एक बड़ी मांग रख दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक अपनी एक साल की सैलरी और पेंशन देशहित में दान करें। जयहिंद के अनुसार, त्याग सिर्फ आम जनता के भरोसे नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इन अपीलों का पालन करते हुए आज घोड़ी पर बैठकर आए हैं ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत का संदेश जन-जन तक पहुंच सके।
🛡️ स्वदेशी और सादगी का संदेश: जयहिंद बोले- “जनता के साथ नेता भी बदलें अपनी जीवनशैली”
जयहिंद ने अंत में दोहराया कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सोना न खरीदने, स्वदेशी अपनाने और पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने की जो बातें कही हैं, वे राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी हैं। लेकिन, यह अभियान तभी सफल होगा जब देश का वीआईपी कल्चर खत्म होगा। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे आत्मनिर्भर बनें, लेकिन साथ ही अपने हक और नेताओं की जवाबदेही के लिए भी आवाज उठाना न छोड़ें।
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