मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का गहरा असर देखने को मिल रहा है। इसकी बानगी गुरुवार को नई दिल्ली में देखने को मिली, जब सीएम डॉ. यादव ने वीआईपी कारकेड की जगह एक आम नागरिक की तरह मेट्रो ट्रेन से सफर किया। सफर के दौरान उन्होंने सह-यात्रियों से संवाद किया और उनके विचार जाने। मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि विश्वास और विकास के पथ पर जनता के साथ जुड़कर ही आगे बढ़ा जा सकता है।
📜 एमपी सरकार का एक्शन प्लान: ईंधन और डॉलर बचाने के लिए बनाई विशेष गाइडलाइन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रधानमंत्री की अपील को जमीन पर उतारने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए बाकायदा एक गाइडलाइन तैयार की है। सीएम का मानना है कि ऐसे उपायों से देश का कीमती डॉलर बचेगा और विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, तो हमें अपनी जीवन पद्धति में अनुशासन और सकारात्मक परिवर्तन लाना होगा।
💻 वर्चुअल कैबिनेट और प्रशासनिक सुधार: संसाधनों के दुरूपयोग पर लगेगी रोक
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार अब वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग्स और डिजिटल कामकाज को बढ़ावा दे रही है। मंत्रियों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आधिकारिक कार्यों के लिए कम से कम यात्रा करनी पड़े। इस गाइडलाइन के जरिए प्रदेश में एक नई कार्य-संस्कृति विकसित की जा रही है जो राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोपरि रखती है।
🚗 काफिले में भारी कटौती: अब कारकेड में चलेंगी महज 8 गाड़ियां
प्रधानमंत्री के आह्वान पर सीएम डॉ. यादव ने तत्काल प्रभाव से अपने कारकेड में वाहनों की संख्या घटाकर लगभग आधी कर दी है। अब उनके काफिले में केवल 8 गाड़ियां ही चलेंगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी उनके छोटे काफिले की सराहना की जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से भी अपील की है कि वे वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें और संभव हो तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
🚫 रैलियों पर पाबंदी: अब सीएम के दौरों में नहीं निकलेगी वाहनों की लंबी कतार
मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि अब उनके दौरों के दौरान किसी भी क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन वाली वाहन रैलियां नहीं निकाली जाएंगी। सुरक्षा की दृष्टि से केवल न्यूनतम अनिवार्य वाहन ही साथ रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक युद्ध की चुनौतियों और पेट्रोल की कीमतों के दबाव को देखते हुए जनता से जो अपील की थी, मध्यप्रदेश सरकार उसे संकल्प के साथ पूरा कर रही है ताकि राष्ट्रहित में संसाधनों की बचत की जा सके।
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