रांची: ग्रामीण इलाकों के बाद अब शहर के पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन संकट के संकेत दिखाई देने लगे हैं। पेट्रोल और डीजल की सीमित आपूर्ति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ईटीवी भारत की टीम ने शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों का जायजा लिया। पड़ताल में सामने आया कि कई पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद मिले, जबकि कई जगहों पर “पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं है” के नोटिस बोर्ड लगे हुए थे। कुछ पेट्रोल पंपों पर चारपहिया वाहनों में फुल टैंक ईंधन देने पर भी रोक लगा दी गई है।
🚧 फुल टैंक सुविधा पर रोक: वाहन चालक पेट्रोल पंपों से निराश लौटे
शहर के प्रमुख इलाकों में स्थिति को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ती दिखी। कई वाहन चालक पेट्रोल पंप से निराश लौटते नजर आए। कुछ जगहों पर दोपहिया वाहनों को सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा था, जबकि चारपहिया वाहनों के लिए साफ तौर पर बोर्ड लगाया गया था कि फुल टैंक सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। पेट्रोल पंप संचालक प्रशांत बिंद्रा ने बताया कि सप्लाई में बाधा के कारण ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी थी।
📢 लोगों में फैल रहा पैनिक: लंबी कतारों से बढ़ी आम जनता की परेशानी
शहर के अलग-अलग इलाकों में बातचीत करने पर यह सामने आया कि उपभोक्ता अब पैनिक मोड में आने लगे हैं। लोगों को डर है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ सकती है। कई लोग अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और खाड़ी देशों में जारी तनाव को भी इस संकट से जोड़कर देख रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और लोग भविष्य की चिंता में जरूरत से ज्यादा ईंधन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
⚖️ प्रशासनिक आश्वासन: एसडीओ कुमार रजत ने कहा- सप्लाई बहाल करने के प्रयास जारी
मामले को लेकर एसडीओ कुमार रजत ने स्वीकार किया कि पेट्रोल और डीजल आपूर्ति को लेकर कुछ समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन तेल कंपनियों, आउटलेट संचालकों, रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। एसडीओ ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि कुछ तकनीकी और सप्लाई संबंधी परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी।
🚚 परिवहन व्यवस्था पर असर: जल्द आपूर्ति सामान्य होने का इंतजार
प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद शहर में ईंधन संकट की चर्चा तेज है। लोग अब इस इंतजार में हैं कि कब पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति सामान्य होगी और उन्हें बिना रोक-टोक ईंधन मिल सकेगा। फिलहाल शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पेट्रोल-डीजल की सीमित उपलब्धता ने आम जनजीवन और परिवहन व्यवस्था दोनों पर असर डालना शुरू कर दिया है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है ताकि जमाखोरी जैसी स्थिति पैदा न हो।
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