High Voltage Drama: “अब जीकर क्या करूंगा…”— फेसबुक लाइव कर टावर पर चढ़ा युवक; घंटों चला ड्रामा, पुलिस ने ऐसे बचाई जान
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में उस वक्त सांसें थम गईं, जब एक युवक शोले फिल्म के वीरू की तरह 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ा. मामला केवल प्रदर्शन का नहीं बल्कि जान देने की जिद का था. युवक ने टावर की ऊंचाई से अपना सुसाइड नोट वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर लाइव कर दिया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. करीब साढ़े तीन घंटे चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए.
यह सनसनीखेज घटना मुरादाबाद के मूढापांडे थाना इलाके के रनियाठेर गांव की है. यहां रहने वाला रोहित, जो खुद एक बीडीसी (BDC) सदस्य है, रविवार को अचानक गांव के बाहर लगे ऊंचे मोबाइल टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर पहुंच गया. ग्रामीणों ने जब उसे इतनी ऊंचाई पर देखा तो शोर मच गया। देखते ही देखते वहां हजारों की भीड़ जमा हो गई.
पिटाई और बेइज्जती ने बनाया आत्मघाती
टावर पर चढ़े रोहित ने वहीं से एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया. वीडियो में वह फूट-फूट कर रो रहा था. रोहित का आरोप था कि महाराणा प्रताप जयंती के एक कार्यक्रम के दौरान करणी सेना के प्रदेश मंत्री और भाजपा नेता अखिलेश सिंह कठेरिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे सरेआम पीटा और अपमानित किया.
रोहित ने वीडियो में अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा- मुझे गांव वालों के सामने बेइज्जत किया गया. आरोपी रसूखदार हैं, मुझे डर है कि पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी. ऐसी जिल्लत भरी जिंदगी से बेहतर है कि मैं अपनी जान दे दूं.
साढ़े तीन घंटे का रेस्क्यू और पुलिस की मिन्नतें
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर और माइक के जरिए रोहित से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था. माहौल तब और भावुक हो गया जब रोहित के बूढ़े पिता को टावर के नीचे लाया गया और उनकी बात बेटे से कराई गई. पुलिस ने मौके की नजाकत को भांपते हुए तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया.
रसूखदार नेता फरार, दो साथी हिरासत में
पुलिस ने टावर के नीचे से ही रोहित को चिल्लाकर बताया कि उसकी शिकायत पर एक्शन शुरू हो गया है. पुलिस ने जानकारी दी कि मारपीट में शामिल दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. हालांकि, मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह कठेरिया अपने परिवार सहित घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है. आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बाद, करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद रोहित सुरक्षित नीचे उतरा.
दहशत और कौतूहल का केंद्र बना रनियाठेर
इस दौरान पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा. हर कोई डरा हुआ था कि कहीं युवक टावर से छलांग न लगा दे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. फिलहाल युवक को मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया है और स्थिति नियंत्रण में है.
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