Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Indore Weather Update: इंदौर में गर्मी का 10 साल का रिकॉर्ड टूटा! सड़कों पर पसरा सन्नाटा, जानें मौसम... BRICS Summit Indore: इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक आज से; केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ... Indore Dog Bite Cases: इंदौर में नसबंदी के दावों के बीच श्वानों का आतंक; 1 साल में 60 हजार से ज्यादा... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल तोड़फोड़ मामले में नया मोड़, छात्रों ने वीडियो जारी कर मांगी माफी; ख... Indore IET Hostel: आईईटी हॉस्टल गांजा पार्टी मामले में DAVV का बड़ा एक्शन; 3 छात्र सस्पेंड, 1 का एडम... MP New Transfer Policy: मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों से हटेगी रोक! आज मोहन यादव कैबिनेट बै... Khandwa Congress Leader Honeytrap: लोन ऐप के जरिए मोबाइल में की एंट्री; कांग्रेस नेता के फोटो एआई से... Chhatarpur News: छतरपुर में 'लुटेरी दुल्हन' का कारनामा; ₹1.5 लाख लेकर दलालों ने कराई शादी, 4 दिन बाद... Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा केस में 'सिज़ोफ्रेनिया' का एंगल; सामने आए भोपाल के मशहूर मनोचिकित्स... Jhabua Crime News: झाबुआ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गांजा और ब्राउन शुगर के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार; गोपाल...

Indore Dog Bite Cases: इंदौर में नसबंदी के दावों के बीच श्वानों का आतंक; 1 साल में 60 हजार से ज्यादा लोगों को काटा

65

इंदौर: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर को आवारा श्वानों (कुत्तों) से मुक्त करने और उनकी आबादी को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा वर्ष 2013-14 से लगातार नसबंदी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों का दावा है कि इस अभियान के तहत अब तक शहर में रिकॉर्ड दो लाख 15 हजार से ज्यादा श्वानों की नसबंदी सफलतापूर्वक की जा चुकी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर के विभिन्न वार्डों और इलाकों में लगभग 40 हजार से ज्यादा ऐसे श्वान और चिन्हित हैं, जिनकी नसबंदी किया जाना अभी बाकी है, जिसके लिए सर्वे और धरपकड़ का काम जारी है।

🚨 दावों के उलट जमीनी हकीकत डरावनी, लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले: पिछले एक साल में 60 हजार से ज्यादा लोगों को श्वानों ने काटा

इस पूरे अभियान में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और आम नागरिकों को डराने वाली बात यह सामने आई है कि नगर निगम के लाखों नसबंदी के दावों के बावजूद शहर में श्वानों के काटने (डॉग बाइट) के मामले कम होने के बजाय लगातार ग्राफ ऊपर की ओर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज एक वर्ष के भीतर ही इंदौर शहर में 60 हजार से ज्यादा मासूम बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को श्वानों ने अपना शिकार बनाया है और उन्हें काटा है। इस स्थिति से साफ है कि नसबंदी अभियान श्वानों के हिंसक व्यवहार या उनकी बढ़ती संख्या को रोकने में धरातल पर पूरी तरह असरदार साबित नहीं हो पा रहा है।

🌐 वर्तमान में दो निजी एजेंसियां संभाल रही हैं नसबंदी का जिम्मा: रोजाना 40 से 50 श्वानों के ऑपरेशन का किया जा रहा दावा

बढ़ते मामलों और जन आक्रोश को देखते हुए वर्तमान में इंदौर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत दो अलग-अलग निजी विशेषज्ञ एजेंसियां श्वानों की नसबंदी और एबीसी (Animal Birth Control) कार्यक्रम का काम देख रही हैं। इन एजेंसियों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों से आवारा कुत्तों को पकड़कर उनके सेंटरों पर रोजाना 40 से 50 श्वानों की नसबंदी करने का दावा लिखित में किया जा रहा है। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कागजों पर हो रही इस नसबंदी की धरातल पर उचित मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है, यही वजह है कि शहर की सड़कों, कॉलोनियों और मुख्य बाजारों में आवारा श्वानों का झुंड और उनका आतंक जस का तस बना हुआ है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!