मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: कुवांरपुर रेंज में फिर दिखा तेंदुआ; 5 मई को बुजुर्ग की जान लेने के बाद ग्रामीणों में खौफ
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: छत्तीसगढ़ के भरतपुर ब्लॉक अंतर्गत कुवांरपुर वन परिक्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की सक्रिय मौजूदगी से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने आबादी क्षेत्र के बेहद करीब आकर एक गाय को अपना शिकार बनाया है। गांव वालों के मुताबिक, तेंदुए को कुवांरपुर वन परिक्षेत्र के गांजर इलाके में देखा गया है। यह संवेदनशील इलाका वन विभाग के पीएफ 1228 कंपार्टमेंट नंबर के पटोरिहा नाले के पास पड़ता है। रिहायशी क्षेत्र के इतने पास तेंदुए का मूवमेंट होने से लोग अब शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
🥩 किसान की गाय को झाड़ियों में खींच ले गया तेंदुआ: ग्रामीणों के शोर मचाने पर जंगल की ओर भागा
स्थानीय ग्रामीणों ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि तेंदुए ने क्षेत्र के किसान छोटे लाल यादव की गाय का शिकार कर लिया। तेंदुआ गाय को मारने के बाद उसे घसीटकर घने जंगल की ओर ले जाने की कोशिश में था, लेकिन भारी मवेशी होने के कारण वह पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाया। इसी बीच गांव वालों के पहुंचने और सामूहिक रूप से शोर मचाने के कारण तेंदुआ घबराकर मौके से भाग निकला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय पास के जंगल क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ाई का कार्य भी चल रहा था, जिसके चलते बड़ी संख्या में मजदूर और ग्रामीण जंगल के भीतर मौजूद थे। तेंदुए की मौजूदगी की खबर जैसे ही फैली, जंगल में काम कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
🛡️ वन विभाग तैयार कर रहा है मुआवजे का प्रकरण: अधिकारियों ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी विशेष सावधानी बरतने की सलाह
इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल प्रभावित क्षेत्र में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने, नाइट विजन कैमरों से निगरानी करने और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। कुवांरपुर वन परिक्षेत्र के अधिकारी दिनेश साहू ने बताया कि जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने जाने वाले ग्रामीण इस समय अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और अकेले घने जंगलों में न जाएं। वन विभाग द्वारा तेंदुए के हमले में मारी गई गाय के शिकार का आधिकारिक प्रकरण तैयार कर लिया गया है तथा सरकारी नियमानुसार पीड़ित गाय मालिक को उचित मुआवजा जल्द ही प्रदान किया जाएगा।
🚨 5 मई को बुजुर्ग को उतारा था मौत के घाट: डोगरीटोला की घटना को याद कर सहमे हुए हैं क्षेत्र के लोग
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इस पूरे बेल्ट में लगातार तेंदुए की हिंसक गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे लोगों का रोजाना खेती और निस्तारी के लिए जंगल जाना मुश्किल हो गया है। खासकर इस सीजन में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में लगे गरीब मजदूरों को हर समय हमले का खतरा बना रहता है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत डोगरीटोला में कुछ ही दिन पहले तेंदुए के हमले में एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो चुकी है। बीते 5 मई की रात को शौच के लिए घर से बाहर निकले 80 वर्षीय बुजुर्ग कुंवारे सिंह पर तेंदुए ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वन विभाग की जांच के दौरान घटनास्थल पर तेंदुए के पंजों के निशान (पगमार्क) भी पाए गए थे, जिसके बाद से ही ग्रामीण वन विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग कर रहे हैं।
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