Haryana Census 2026: हरियाणा में घर-घर जनगणना शुरू, सावधान! विभाग ने बैंक डिटेल्स और OTP साझा न करने की दी चेतावनी
चंडीगढ़: हरियाणा में जनगणना का महत्वपूर्ण कार्य एक मई से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है। इस बीच जनगणना विभाग ने आम नागरिकों को साइबर ठगों से सतर्क करते हुए एक बेहद जरूरी गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि लोग जनगणना के नाम पर अपने बैंक खाते या निजी पहचान पत्रों से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें। विभाग ने पूरी तरह स्पष्ट किया है कि अधिकृत जनगणना कर्मी आपसे बैंक खाता विवरण, पैन कार्ड, या किसी भी प्रकार के ओटीपी (OTP) की जानकारी कभी नहीं पूछेंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि घर पर आने वाले व्यक्ति को जानकारी देने से पहले संबंधित अधिकारी का आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) अवश्य जांच लें।
📋 30 मई तक चलेगा घर-घर सर्वे: प्रगणकों को सही और नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराने की अपील
जनगणना विभाग ने आमजन से पुरजोर अपील की है कि वे देश के इस महत्वपूर्ण कार्य में गणना कर्मियों का पूरा सहयोग करें और अपने परिवार की सही व नवीनतम जानकारी ही उपलब्ध कराएं। विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्व-गणना (Self-Enumeration) चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब प्रगणकों (Enumerators) द्वारा जमीनी स्तर पर घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को आगामी 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
⚖️ असहयोग करना दंडनीय अपराध: किसी भी प्रकार की शंका या सवाल के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 जारी
विभाग के प्रवक्ता ने नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि अधिकृत जनगणना अधिकारियों को जानकारी देने से साफ मना करना, जानबूझकर गलत तथ्य लिखवाना या उनके शासकीय कार्य में असहयोग करना जनगणना अधिनियम के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जनगणना से संबंधित किसी भी प्रकार की शंका के समाधान या जानकारी के लिए नागरिक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन के माध्यम से गृह पंजीकरण और आवास जनगणना से जुड़े सभी जरूरी सवालों के जवाब अपनी क्षेत्रीय भाषा में आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं।
🏠 पूरी तरह गोपनीय रहेगा आपका डेटा: प्रगणक आपसे आवास और परिवार से जुड़े पूछेंगे ये 33 सवाल
प्रशासन ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई आपकी सभी जानकारियां पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएंगी। इस संवेदनशील डेटा को किसी भी निजी व्यक्ति, एजेंसी या संस्था के साथ कभी भी साझा नहीं किया जाएगा। इस बार के सर्वे में प्रगणक आपके घर पहुंचकर भवन नंबर, मकान नंबर, फर्श की स्थिति, दीवार और छत के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री जैसे कुल 33 महत्वपूर्ण और निर्धारित सवाल पूछेंगे, जिनका सही उत्तर देना हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है।
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