Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE जिम्मेदार दौरे, निरीक्षण,मीटिंगों में व्यस्त, शहर को बनाया अंधेरनगरी,साबित हो रहे चौपट राजा,ज... INDORE पुलिस का नशा मुक्ति अभियान बना जनजागरूकता का विषय, सड़कों से घरों तक नशे के दुष्परिणामों पर ह... INDORE आईडीए में जनसुनवाई की शुरुआत के बाद सीईओ का एक और नया नवाचार,तीन दिवसीय शिविर में सैकड़ों भूख... INDORE पुलिस आयुक्त ने 7 बदमाशों को किया तीन महीनों के लिए तड़ीपार,3 लिस्टेड भरेंगे थानों में हाजरी। INDORE लापता खजराना अस्पताल,कलेक्टर की कब्ज़ा मुक्ति मुहिम का श्रीगणेश, प्रशासन- नगर निगम ने बेशकीमत... INDORE सरकारी जमीनों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं,कलेक्टर के सभी विभागों को निर्देश, अतिक्रमणकारियों पर भी... INDORE लापता खजराना अस्पताल,धरातल पर खाली जमीन,अब कांग्रेसी नेता का दावा कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने दी... INDORE नगर निगम मार्केट विभाग की अवैध विज्ञापनबाजों को खुली छूट! उल्लंघन करो और नाममात्र खानापूर्ति ... INDORE कनाडिया पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्करों का बड़ा नेटवर्क,16 लाख रुपए की एमडी ड्रग सहित कार बर... INDORE कनाडिया पुलिस पकड़े महंगे शौक के लिए मोबाइल झपटने वाले दो चोर,फिलहाल पूछताछ जारी खुलेंगे और क...

Punjab Haryana High Court: बैंक खाता फ्रीज करने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी बैंकिंग नहीं रोक सकते बैंक

30

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध लेन-देन के नाम पर बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज करने की कार्रवाई पर एक और महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि जांच एजेंसियां या बैंक बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं किसी नागरिक के पूरे बैंक खाते पर रोक नहीं लगा सकते। जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ ने याचिकाकर्ता ईशान की याचिका स्वीकार करते हुए पंजाब नेशनल बैंक को उसका बैंक खाता एक सप्ताह के भीतर खोलने का निर्देश दिया है।

🔍 क्या था पूरा मामला: बिना पूर्व सूचना के बैंक ने खाते पर लगाई थी रोक

मामले में याची ने कोर्ट को बताया कि उसके खाते को बिना किसी पूर्व सूचना के फ्रीज कर दिया गया। बैंक ने कथित तौर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देश पर यह कदम उठाया। खाते में 1,01,886 रुपए की कुछ संदिग्ध एंट्रियां दर्ज थीं, जिन्हें बैंक ने संदिग्ध राशि मान लिया। हालांकि, याची न तो किसी एफआईआर में नामजद था और न ही किसी वित्तीय अपराध में उसकी भूमिका का कोई ब्यौरा था। इसके अलावा, सक्षम मजिस्ट्रेट का कोई अटैचमेंट आदेश भी उपलब्ध नहीं था।

🚫 “रोजी-रोटी के अधिकार पर हमला”: कोर्ट ने बैंकिंग एक्टिविटी रोकने को बताया गलत

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर किसी अकाउंट में संदिग्ध रकम है, तो भी पूरी बैंकिंग एक्टिविटी रोकना गलत, मनमाना और नागरिक के रोजी-रोटी के अधिकार पर बेवजह हमला है। कोर्ट ने कहा कि किसी बेगुनाह अकाउंट होल्डर को सिर्फ इसलिए सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि किसी तीसरे पक्ष ने उसके अकाउंट में संदिग्ध रकम जमा कर दी है। यह कानून के सिद्धांतों के विपरीत है।

💼 कोर्ट का अंतरिम आदेश: विवादित राशि छोड़कर बाकी अकाउंट रहेगा चालू

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि पिटीशनर का पूरा बैंक अकाउंट फिर से चालू किया जाए, जबकि 1,01,886 रुपये की विवादित रकम अभी फ्रीज रहेगी और उसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इस तरह कोर्ट ने बैंक और उपभोक्ता दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शेष राशि का उपयोग करने से याची को रोकना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

🚨 भविष्य की जांच के लिए छूट: अपराध साबित होने पर कानून के मुताबिक होगी कार्रवाई

अदालत ने यह भी साफ किया कि यह राहत केवल बैंकिंग सेवाओं को बहाल करने के लिए है। कोर्ट ने कहा कि अगर भविष्य में जांच के दौरान किसी भी अपराध में पिटीशनर की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित एजेंसियां कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगी। फिलहाल, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर खाता बहाल करें ताकि याची अपना सामान्य वित्तीय लेनदेन जारी रख सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!