रेवाड़ी: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रणाली, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल-एरोनॉटिकल एवं मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख विषयों में दुनिया की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों में स्थान बनाया है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफेसर (डॉ.) आर.एस. बावा ने रेवाड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
📊 वैश्विक मानकों पर प्रदर्शन: टॉप 1 प्रतिशत संस्थानों में शामिल
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जहां यूनिवर्सिटी केवल 5 विषयों में रैंकिंग में शामिल थी, वहीं इस बार 11 विषयों में स्थान बनाकर यूनिवर्सिटी दुनिया की शीर्ष 1 प्रतिशत यूनिवर्सिटियों में शामिल हो गई है। कंप्यूटर साइंस, रसायन विज्ञान, व्यवसाय प्रबंधन, गणित और अर्थशास्त्र सहित कई विषयों में यूनिवर्सिटी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क जैसे वैश्विक मानकों पर आधारित है।
💰 CUCET-2026: मेधावी छात्रों के लिए 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति
प्रोफेसर बावा ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए यूनिवर्सिटी सीयूसीईटी-2026 के माध्यम से 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। इसमें 200 करोड़ रुपये मोहाली परिसर तथा 50 करोड़ रुपये लखनऊ परिसर के लिए निर्धारित किए गए हैं। विद्यार्थी अपनी योग्यता के आधार पर 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकते हैं। वर्ष 2012 से अब तक 1.40 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इसका लाभ उठाया है।
💼 प्लेसमेंट के कीर्तिमान: रेवाड़ी के 49 विद्यार्थियों को मिले आकर्षक जॉब ऑफर
रोजगार के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। वर्ष 2025 में 1300 से अधिक कंपनियों ने 10 हजार से अधिक नौकरी प्रस्ताव दिए। सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय पैकेज 1.74 करोड़ रुपये रहा। रेवाड़ी के 49 विद्यार्थियों ने भी आकर्षक ऑफर प्राप्त किए हैं, जिनमें लक्ष्म शर्मा देशवाल (9 लाख), तुषार सचदेवा (8.5 लाख), आरजू (8 लाख), तन्मय गर्ग (7.64 लाख) तथा नैना (6 लाख) शामिल हैं।
🏆 खेल और नवाचार: माका ट्रॉफी के साथ खेलों में भी नंबर वन
यूनिवर्सिटी के नाम 24 हजार से अधिक शोध प्रकाशन और 6000 से अधिक पेटेंट दर्ज हैं। खेलों में भी यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 71 पदक जीतकर यूनिवर्सिटी देश की पहली निजी यूनिवर्सिटी बनी जिसने माका ट्रॉफी जीती। वहीं 2025 में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। प्रोफेसर बावा ने कहा कि यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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