Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
Ladli Behna Yojana: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की लाडली बहनों की 36वीं किस्त, नरसिंहपुर में ब... Bhopal Railway News: पुणे और बिलासपुर मंडल में काम से भोपाल की कई ट्रेनें प्रभावित, देखें निरस्त ट्र... Dhar News: मार्शल आर्ट प्रशिक्षक बलवंत सिंह देवड़ा को मिली सिर कलम करने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी Seoni News: सिवनी में लोकायुक्त का दोहरा प्रहार, एएसआई और लिपिक रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार TVK Government: तमिलनाडु में 'थलपति' विजय की सरकार सुरक्षित, कांग्रेस और AIADMK बागियों ने दिया साथ Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी मेदांता अस्पताल में भर्ती, रूटीन चेकअप के बाद वापस दिल्ली ल... West Bengal News: सुवेंदु अधिकारी ने चुनी भवानीपुर सीट, नंदीग्राम छोड़ेंगे; विधानसभा में ली विधायक प... ऊर्जा संरक्षण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में मंत्रियों और अफसरों को भी न... Delhi-Dehradun Expressway: लोनी से काठा के बीच सफर होगा महंगा, NHAI ने जारी की नई टोल दरें Prateek Yadav Death: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा ख...

Aligarh News: AMU में मरीजों को प्राइवेट अस्पताल भेजने वाले ‘फर्जी डॉक्टर’ का भंडाफोड़, अधिकारी भी हैरान

40

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सुरक्षाकर्मियों और डॉक्टरों की सतर्कता के कारण एक ऐसे मुन्नाभाई फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है, जो काफी समय से अस्पताल में मरीजों की जान और जेब के साथ खिलवाड़ कर रहा था. जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ संदिग्ध लोग अस्पताल परिसर में घूम रहे हैं, जो मरीजों को गुमराह कर रहे हैं.

शिकायतों के बाद मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने निगरानी बढ़ा दी. संदिग्ध युवक गले में स्टेथोस्कोप डालकर घूम रहा था और खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों से बात कर रहा था. उसकी गतिविधियों पर शक होने पर जब डॉक्टरों ने उससे पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. इसके बाद स्टाफ ने उसे दबोच लिया.

पकड़े गए आरोपी के पास से जो चीजें बरामद हुई हैं, वे चौंकाने वाली हैं और एक बड़े संगठित गिरोह की ओर इशारा करती हैं. उसके पास से काफी संख्या में सर्जिकल ब्लेड मिले हैं. मोबाइल फोन में भारी मात्रा में मरीजों के पर्चे, भर्ती स्लिप और रिपोर्ट्स के फोटो मिले हैं. आरोपी के पास से कई अन्य डॉक्टरों और दलालों के मोबाइल नंबर भी बरामद हुए हैं.

प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके अनुसार यह फर्जी डॉक्टर मुख्य रूप से मरीज शिफ्टिंग के खेल में लगा था. वह ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले गरीब मरीजों और उनके तीमारदारों को निशाना बनाता था. वह मरीजों को बताता था कि सरकारी अस्पताल में इलाज में बहुत देरी होगी या यहां सुविधाएं ठीक नहीं हैं.

वह मरीजों को बेहतर और जल्दी इलाज का झांसा देकर शहर के निजी अस्पतालों में भेज देता था, जिसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था. पकड़े जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी. यह मामला सिविल लाइन थाना इलाके का है. पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन प्राइवेट अस्पतालों के संपर्क में था और उसके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!