Jabalpur Cruise Tragedy: आखिरी सांस तक ममता का पहरा! मलबे में बच्चे को सीने से लगाए मिली मां की लाश, मंजर देख रो पड़ा हर कोई
Bargi Dam Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा अब एक दर्दनाक रूप ले चुका है। शुक्रवार को जब आगरा से आई डाइविंग टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, तो पानी के भीतर ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। डूबे हुए क्रूज के मलबे में एक मां अपने छोटे बच्चे को सीने से लगाए मिली। बताया जा रहा है कि उसने आखिरी सांस तक अपने बच्चे को नहीं छोड़ा।
रेस्क्यू टीम के अनुसार, क्रूज के अंदर हालात बेहद कठिन थे। पानी के भीतर कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था और टूटे हुए ढांचे, लोहे की छड़ों और संकरे रास्तों के बीच फंसे शवों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान टीम को एक महिला का शव मिला, जो अपने बच्चे को कसकर पकड़े हुए थी। दोनों को बाहर निकालना ऑपरेशन का सबसे भावुक पल बन गया।
डाइविंग टीम ने बताया कि क्रूज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अंदर जाने के रास्ते बेहद तंग हैं। कई जगहों पर गोताखोरों को हथौड़ों की मदद से रास्ता बनाना पड़ा। एक गोताखोर तो मलबे में फंस भी गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। नुकीले लोहे के टुकड़े और टूटे हिस्से ऑपरेशन को और खतरनाक बना रहे हैं।
इस हादसे में बची दिल्ली की एक महिला ने बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि जब शाम के समय अचानक मौसम खराब हुआ, तब क्रूज पर किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब पानी अंदर घुसने लगा, तब जल्दबाजी में स्टोर रूम खोलकर जैकेट निकाली गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और क्रूज पलट गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।
अब तक इस हादसे में 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। क्रूज के मलबे को काटने के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और मंत्री मौजूद हैं और पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी जा रही है।
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