UP-SIR Impact: यूपी में वोटरों की संख्या में ऐतिहासिक बदलाव, कम मतदाताओं वाली सीटों पर भी कम हुए वोट; क्या बदल जाएगा जीत-हार का समीकरण?
UP-SIR में सबसे कम वोट वाली सीटों पर भी चली बड़ी कैंची चली है. SIR के बाद कम वोट और मार्जिन वाली सीटों पर भी 21 हजार से 72 हजार तक वोट कट गए है. ऐसे में 1000 से कम मार्जिन वाले छोटी सीटों पर सपा-भाजपा-आरएलडी सावधान हो जाएं. पंद्रह ऐसी सीटें जिन पर जीत का अंतर 1000 से कम रहा, वहां SIR का कितना प्रभाव पड़ेगा? आइए जानते हैं. इनमें से 6 सीटें BJP, 2 सीटें RLD और 7 सीटों पर समाजवादी पार्टी को 2022 में जीत मिली थी.
अब बात उन सीटों की करते हैं जहां जीत-हार का मार्जिन बेहद कम रहा, 1000 से भी कम वोटों से कुल 15 सीटों पर फैसला हुआ था. इन कम मार्जिन वाली सीटों पर भी SIR की मार भर के पड़ी है. इन सीटों पर 21,000 से 72000 तक वोट कम हो गए हैं.
जानें उस सीटों के हाल, जहां कटे वोटरों के नाम
शुरुआत करते हैं धामपुर विधानसभा से जहां बीजेपी के अशोक राणा महज 203 वोटों से चुनाव जीतने में सफल रहे थे. इस सीट पर समाजवादी पार्टी के नईम-उल-हसन दूसरे स्थान पर रहे थे. SIR के बाद इस सीट पर 29821 वोट कम हो गए हैं. यह कुल वोट का लगभग 14.54% है.
कुर्सी विधानसभा सीट, जहां 2022 में बीजेपी प्रत्याशी 217 वोट से जीतने में कामयाब रहे थे, वहां अब 34925 वोट कट गए हैं. मतलब कुल वोट का 12.1%. इस सीट पर जीत का अंतर 0.08% रहा था. ऐसे में विजेता की चिंता बढ़ना लाजमी है कि कहीं उसी के मतदाता न कम हो गए हों.
चांदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी 234 वोटों से जीती थी. इस सीट पर कुल 2,24,374 वोट थे. जीत का मार्जिन 0.10% था. अब यहां 28496 वोट कट चुके हैं. मतलब 12.7% वोट लिस्ट से आउट.
ऐसे ही नहतौर में मार्जिन 258 था. प्रतिशत अंतर 0.13% था. यहां 11.6% वोट कम हुए हैं. कुल 23,359 वोट SIR के बाद कट गए हैं. यहां से BJP ने 2022 में जीत दर्ज की है.
पांचवे नंबर पर राम नगर विधानसभा है, जहां सपा की जीत हुई थी महज 261 वोटों से. वहां से अब 37709 वोट कम हो गए हैं. 0.11% से जीत हार वाली सीट पर अब 16% से ज्यादा वोट कम हुए हैं.
छोटे विधानसभा पर चली बड़ी कैची
इसौली, बिलासपुर, बरौत, नाकुर, कटरा, दिबियापुर, शाहगंज, डोमरियागंज, मुरादाबाद नगर और जसराना ये तमाम वो विधानसभा सीटें हैं, जो मतदाता संख्या के हिसाब से भी छोटे हैं. इनमें सबसे ज्यादा वोट मुरादाबाद नगर में 321,704 थे जो SIR के बाद घट कर 2,49,216 रह गए हैं. छोटी विधानसभा सीटों की बात करें तो मुरादाबाद नगर में सबसे ज्यादा 22.53% वोट कटे हैं.
वोटों के लिहाज से सबसे छोटी विधानसभा कटरा है, जहां 2022 विधानसभा चुनाव में 194967 वोट थे. SIR के बाद यहां 58270 वोट और कम हो गए. यहां लगभग 30% वोट कटे हैं. अब इस सीट पर मतदाताओं की संख्या 1,36,697 मात्र रह गई. पिछले विधानसभा चुनाव में यहाँ जीत का अंतर महज 357 वोटों का था.
पंद्रह छोटी विधानसभाएं जहां जीत का अंतर एक 1000 से कम रहा, उन सीटों पर SIR का प्रभाव ये रहेगा कि यहां लड़ाई अब और मुश्किल हो जाएगी. साथ ही हार जीत का अंतर भी बेहद कम रह सकता है. हालाँकि बड़ा सवाल ये है कि कटे हुए वोटों में ज्यादा किस पार्टी के वोटर्स थे? इन पंद्रह सीटों में फिलहाल बीजेपी के पास 6, सपा के पास 7 और RLD के पास दो सीटें हैं.
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