MP Farmer Protest: 9 अप्रैल से मध्य प्रदेश में सियासी संग्राम! गेहूं खरीदी और बोनस को लेकर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
उज्जैन: मंडियो में खरीदी नहीं हो पाने और जमीन अधिग्रहण, बोनस और मुआवजे में मनमानी से परेशान किसानों के समर्थन फिर कांग्रेस कूद पड़ी है. कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में 9 अप्रैल को जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया है. प्रदेश भर में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी नहीं हो पाने के कारण परेशान किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस अब मोहन यादव सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने के मूड में आ गई है.
डेढ़ लाख टन का पंजीकरण, खरीदी आधी फसल की क्यों?
इंदौर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन वर्मा ने कहा, ” 9 अप्रैल को इंदौर सहित मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा. यह प्रदर्शन किसानों को बोनस राशि और अन्य लाभ दिलाने की मांग को लेकर किया जाएगा.” वर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान में देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश से आते हैं, इसके बावजूद राज्य के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने कहा, ” प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख टन के पंजीकरण के मुकाबले मात्र 78 हजार टन की खरीदी हुई है, जो किसानों के साथ अन्याय है.”
फसल बीमा योजना में भी गड़बड़ी के आरोप
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली फसल बीमा जैसी योजनाओं में भी गड़बड़ी हो रही है. उन्होंने कहा, ” जहां 10 करोड़ पंजीकरण की आवश्यकता है, वहां केवल 2.60 करोड़ आवेदन ही किए गए.” मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए वर्मा ने कहा, ” केवल 40 रु बोनस देना किसानों के साथ मजाक है.” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार ने किसानों को व्यापारियों के भरोसे छोड़ दिया है, जिससे उनका शोषण हो रहा है. खरीदी केंद्र दूर होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मांगे नहीं मानी तो पूरे प्रदेश में होगा उग्र प्रदर्शन : वर्मा
वर्मा ने मांग की कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रु मुआवजा तुरंत दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र प्रदर्शन करेगी और मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री के इस्तीफे की मांग करेगी. राज्यसभा टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि वे वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी को मजबूत करने के लिए योग्य उम्मीदवार को अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने दिग्विजय सिंह के दावेदारी से इंकार का भी जिक्र किया. साथ ही कमलनाथ का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने किसानों का कर्ज माफ किया था. इंदौर नगर निगम के बजट को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए.
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