IDA,प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने संभागायुक्त,कलेक्टर,निगमायुक्त IDA सीईओ सहित अन्य बोर्ड सदस्यों को बनाया मूर्ख! उपयंत्रीयों को दिलवा दिया कार्यपालन यंत्री का प्रभार।
IDA के प्रशासनिक अधिकारी पोरवाल के अजीब काम, पार्ट वन
संभागायुक्त,कलेक्टर,
निगमायुक्त,सीईओ IDA सीईओ सहित अन्य को पोरवाल ने बनाया मूर्ख,बोर्ड को दी झूठी जानकारी,चार उपयंत्री को बनाया जा रहा कार्यपालन यंत्री।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण बोर्ड सदस्य जिनमें संभागायुक्त और ida अध्यक्ष डॉक्टर सुदामा खाड़े,कलेक्टर शिवम वर्मा,निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल,और खुद इंदौर विकास प्राधिकरण सीईओ डॉक्टर परीक्षित झाड़े सहित TNC संयुक्त संचालक को इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने मूर्ख बना दिया। और इन झूठी जानकारियों के एवज में IDA में आर्थिक अनियमितताएं लगातार जारी हैं। दरअसल न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम इन्हीं मामलों में से पार्ट वन में यह मामला उजागर कर रहा है कि IDA बोर्ड बैठक में प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल ने बोर्ड सदस्यों को झूठी और गलत जानकारी देते हुए मूर्ख तक बना दिया। और इसी के चलते IDA के ही चार उपयंत्री को अब कार्यपालन यंत्री का प्रभार दिलवाने में कामयाब भी हो गए हैं। जबकि शासन के नियम कायदों को पोरवाल ने दरकिनार करते हुए अपना मकसद और मतलब सिद्ध कर लिया। खास बात यह है कि पोरवाल के चक्कर में इतने वरिष्ठ अधिकारी भी घनचक्कर साबित हो गए हैं।

इन उपयंत्री को मिलने वाला कार्यपालन यंत्री का प्रभार
इंदौर विकास प्राधिकरण में पदस्थ उपयंत्री जिनमें कपिल देव भल्ला सुनील माहेश्वरी,राजीव सक्सेना,और पंकज विश्मपायन को उपयंत्री से कार्यपालन यंत्री का प्रभार दिए जाने की तैयारियां चल रही हैं। जबकि यह नियम कायदों के विपरीत हैं।

यह कहते है नियम

दरअसल नियम यह कहते है कि कोई अधिकारी को उसके मूल पद से एक आगे का कार्यप्रभार सौंपा जा सकता हैं। लेकिन IDA में विचित्र स्थितियों और बोर्ड को प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र पोरवाल द्वारा दी गई गलत और झूठी जानकारी के चलते उपयंत्री को कार्यपालन यंत्री का कार्य प्रभार इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा दिया जा रहा हैं।

पूर्व अध्यक्ष संभागायुक्त ने हटा दिया था प्रभार।

दरअसल इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष और संभागायुक्त दीपक सिंह ने ऐसे ही नियम विरुद्ध उपयंत्री जो कि कार्यपालन यंत्री का प्रभार देख रहे थे उन्हें पूर्व समय में तत्काल प्रभाव से हटा दिया था।