Jharkhand Robotics Festival: झारखंड में तकनीक का जलवा, रोबोटिक्स फेस्टिवल में अपना हुनर दिखाएंगे युवा
रांची: झारखंड में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो चुकी है. राज्य के विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा, नवाचार और तकनीकी कौशल को मंच देने के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग पहली बार झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल आयोजित करने जा रहा है. यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए एक प्रतियोगिता होगी, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी दुनिया में कदम रखने का बड़ा अवसर भी साबित होगा. फेस्टिवल की तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी, लेकिन इसकी रूपरेखा और महत्व ने अभी से छात्रों और संस्थानों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है.
राज्य के सभी स्कूल लेंगे हिस्सा
इस फेस्टिवल में राज्य के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र भाग ले सकेंगे. प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी मॉडल तैयार करने के लिए प्रेरित करना है. खासतौर पर झारखंड से जुड़ी चुनौतियों जैसे खनन, कृषि, आपदा प्रबंधन या ग्रामीण जरूरतों के समाधान के लिए रोबोट विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.
प्रत्येक टीम में अधिकतम पांच छात्र होंगे शामिल
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक टीम में अधिकतम पांच छात्र होंगे और यह अनिवार्य किया गया है कि हर टीम में कम से कम दो छात्राएं शामिल हो. इसके साथ ही, प्रत्येक टीम को एक फैकल्टी मेंटर का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे छात्रों को तकनीकी और शोध आधारित सहयोग प्राप्त हो सके.
फेस्टिवल में रोबोटिक्स की कुल 11 श्रेणियां
फेस्टिवल में रोबोटिक्स की कुल 11 श्रेणियां रखी गई हैं, जिनमें स्वायत्त ग्राउंड रोबोट, टेली-ऑपरेटेड रोबोट, मल्टी-यूटिलिटी रोबोट, एआई आधारित सेवा रोबोट, अंडरवाटर रोबोट, ड्रोन, ह्यूमनॉइड रोबोट, रोबोटिक आर्म्स और अन्य अत्याधुनिक मॉडल शामिल हैं. इससे छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार क्षेत्र चुनने का अवसर मिलेगा.
पांच चरणों में आयोजन
पूरे आयोजन को पांच चरणों में बांटा गया है, ताकि विचार से लेकर मॉडल तक की यात्रा व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके. पहले चरण में छात्र ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने इनोवेटिव आइडिया प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद विशेषज्ञों की टीम इन प्रस्तावों की जांच कर लगभग 120 टीमों को शॉर्टलिस्ट करेगी. तीसरे चरण में ये टीमें अपने विचारों का विस्तृत प्रजेंटेशन देंगी, जिनमें से 40 टीमों का चयन प्रोटोटाइप विकास के लिए किया जाएगा.
अनुदान राशि भी दी जाएगी
चौथे चरण में चयनित 40 टीमों को अपने मॉडल तैयार करने के लिए दो-दो लाख रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी. यह राशि छात्रों को अपने आइडिया को वास्तविक रूप देने में मदद करेगी. अंतिम चरण में रांची विज्ञान केंद्र में फाइनल प्रतियोगिता आयोजित होगी, जहां शीर्ष तीन टीमों का चयन किया जाएगा. खास बात यह है कि विजेता टीमों के रोबोट को विज्ञान केंद्र में स्थायी रूप से प्रदर्शित भी किया जाएगा.
प्रथम स्थान आने वाली टीम को 5 लाख का इनाम
पुरस्कार राशि भी इस फेस्टिवल को खास बनाती है. प्रथम स्थान पाने वाली टीम को पांच लाख रुपये और उनके फैकल्टी मेंटर को 50 हजार रुपये मिलेंगे. द्वितीय स्थान के लिए तीन लाख और तृतीय स्थान के लिए दो लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा पांच सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे.
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देना है. यह फेस्टिवल झारखंड के युवाओं को नई दिशा देगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा: उमाशंकर सिंह, सचिव, शिक्षा विभाग
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