मामला निगम अधिकारियों द्वारा शहर ने फैलाए अवैध होर्डिंग के जाल का,नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी कर दिया गुमराह,अब उच्चस्तरीय जांच की मंत्री ने की बात।
मामला मेट्रो लाइन स्थित अवैध होर्डिंग का,नगरीय प्रशासन मंत्री को भी नहीं पूरी जानकारी, निगम अफसरों ने गुमराह किया मंत्री को, अब हो रही जांच की बात।

✍️अमित कुमार त्रिवेदी पत्रकार इंदौर
शहर में BRTS, ग्रीन बेल्ट जमीन मेट्रो लाइन पर अवैध लॉलीपॉप विज्ञापन बोर्ड और BRTS पर ठेका खत्म होने बावजूद यूनीपोल लगाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा हैं। दरअसल इस मामले के खुद मध्यप्रदेश सरकार नगरीय प्रशासन विभाग संभाल रहे और इंदौर एक से विधायक कैलाश विजयवर्गीय भी अनभिज्ञ दिखे। और तो और अवैध होर्डिंग मामले के बारे में उनसे पूछा गया तो वह निगम अफसरों पर जमकर नाराज भी दिखे। और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच का बातें कही हैं। जबकि पिछले दिनों पूर्व इस पूरे मामले का न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम ने भंडाफोड़ किया था कि किस तरह से BRTS पर कंपनी का ठेका खत्म होने के बावजूद नवलखा,भंवरकुआ,सहित लगभग पूरे BRTS पर अवैध रूप से यूनीपोल,और अन्य विज्ञापन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जबकि मेट्रो लाइन पर भी दीपक एडवर्टाइज कंपनी ने भी लॉलीपॉप ठोक दिए हैं। लेकिन नगर निगम के मार्केट विभाग अमले और अपर आयुक्त आकाश सिंह को इसकी भनक तक नहीं लगी।

हो रही दो दो बातें जांच हुई तो खुल जाएगी पोल।
मेट्रो लाइन स्थित ग्रीन बेल्ट जमीन पर निजी कंपनी द्वारा लॉलीपॉप विज्ञापन बोर्ड लगा दिए थे। वह भी तय नियम के विरुद्ध। जबकि इसकी जानकारी मार्केट विभाग अमले और अपर आयुक्त आकाश सिंह को तक नहीं थी। इधर विश्वनीय सूत्र बताते है कि मार्केट विभाग की साठगांठ के चलते ही उक्त विज्ञापन एजेंसी ने उक्त बोर्ड मेट्रो लाइन स्थित ग्रीन बेल्ट जमीन पर लगाए थे। लेकिन अपर आयुक्त आकाश सिंह ने मात्र कंपनी द्वारा तय नियम शर्तों के विपरीत ये विज्ञापन बोर्ड लगाने की बातें न्यूज विथ तड़का डॉट कॉम को कहीं। वहीं दूसरी तरफ इसी मेट्रो लाइन स्थित ग्रीन बेल्ट जमीन पर किसी भी तरह के टेंडर नहीं होने की भी बातें सामने आ रही हैं। लिहाजा उक्त मामले की जांच होती है तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

नगरीय प्रशासन मंत्री को भी पूरी जानकारी नहीं।

जिस तरह से निगम अधिकारियों ने अवैध होर्डिंग का जाल शहरभर में बिछाया हैं। उस जाल के फेर में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी उलझ कर रह गए है । क्योंकि उनसे पूछने पर उन्होंने सिर्फ उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की बातें कहीं हैं।
BRTS जहां हो बनी नियमों की कब्र।

इधर फरवरी 2025 से ही BRTS क्षेत्र में विज्ञापन एजेंसी का ठेका खत्म हो गया है। लेकिन फिर भी पूरे BRTS पर यूनीपोल,अन्य विज्ञापन बोर्ड बेखौफ लगाए जा रहे हैं। और मानो ऐसा लग रहा है कि नियम कायदे वाले शहर में BRTS पर नियमों की कब्र बना दी गई हैं।