Local & National News in Hindi
Logo
ब्रेकिंग
INDORE, नगर निगम राजस्व मनमानियों का विभाग,मनोरंजन कर,यूनीपोल, लॉलीपॉप,राजस्व वसूली सभी में फिसड्डी,... INDORE,कनाडिया थाना क्षेत्र, संपत ग्रीन्स में चोरों का आतंक,लाखों की चपत लगा चुके अज्ञात चोर, दशहत म... INDORE,जोनल कार्यालय 11 वार्ड 60, निगम तोड़ेगा शकील ओलंपिक का अवैध निर्माण,खजराना स्थित एक और अवैध न... INDORE, स्मार्ट हक़ीकत,जमीन में उतरी नहीं केबलें,अफसरों की जालसाजी! स्मार्ट क्षेत्र, आसमान में लटकते... INDORE,भागीरथपुरा दूषित जलकांड,36 मौतों का कौन जिम्मेदार,600 पन्नो की सीलबंद रिपोर्ट में निगम अधिकार... INDORE, पुलिस का रक्षाबंधन त्यौहार पर महिलाओं को तोहफ़ा,सुरक्षा के तैनात रहेगा शक्ति मोबाइल दल। INDORE,यूनीपोल, लॉलीपॉप अवैध होर्डिंगों की शहर में बाढ़,PRJ OOH, सुपीरियर सर्विसेज एडवायइजिग कंपनी कर... INDORE, नशे की लत ने बनाया मोबाइल स्नेचर,पुलिस ने महज 12 घंटों में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार,16 स्... INDORE, पुलिस को मिले अत्याधुनिक संसाधन,क्राइम इनवेस्टिगेशन और फील्ड पुलिसिंग को मिलेगी अलग नईं दिशा... INDORE,सुप्रीम कोर्ट ने BCI के आदेश पर लगाई रोक, वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व न्यायिक अधिकारी नरेंद्र जैन क...

Dabra Crime News: डबरा में सरकारी शिक्षक बना ‘झोलाछाप डॉक्टर’, गलत इंजेक्शन से महिला का पैर हुआ खराब; आरोपी फरार

21

डबरा: मध्य प्रदेश के डबरा, भितरवार और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों चाय-नाश्ते की दुकानों की तरह कुकुरमुत्ते की तरह झोलाछाप चिकित्सकों ने अपने अवैध क्लीनिक खोल रखे हैं। इन क्लीनिकों के अनट्रेंड और अप्रशिक्षित संचालकों द्वारा सर्दी-खांसी से लेकर गंभीर बीमारियों का मनमाना इलाज कर सीधे तौर पर स्थानीय भोले-भाले लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विडंबना यह है कि इन पर नकेल कसने और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह नाकाम और मूकदर्शक बना हुआ है, जिसके चलते लगातार बड़े हादसे सामने आ रहे हैं।

🏥 पैर दर्द का इलाज कराने ‘सोनम क्लीनिक’ पहुंची थी पीड़ित महिला: गलत दवाइयों से पैर में फैला भयंकर इन्फेक्शन, नसें हुईं ब्लॉक

ताजा मामला भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 4 का है। यहाँ की निवासी महिला रामबाई (पत्नी राजू प्रजापति) ने भितरवार एसडीएम (SDM) और स्थानीय पुलिस थाने में अपने पुत्र राहुल के माध्यम से एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ दिनों पूर्व उनके पैर में अचानक तेज दर्द हुआ था। इस पर वे भितरवार की ग्राम पंचायत किठोंदा के नयागांव चक स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के माध्यमिक शिक्षक लाल सिंह जाटव द्वारा वार्ड क्रमांक 4 में अवैध रूप से संचालित ‘सोनम क्लीनिक’ पर इलाज कराने पहुंची थीं। वहां मौजूद सरकारी शिक्षक व प्राइवेट क्लीनिक संचालक लाल सिंह जाटव को जब अपनी पीड़ा बताई, तो उसने खुद को बड़ा डॉक्टर बताते हुए कुछ भारी दवाइयां दीं और बिना किसी जांच के इंजेक्शन लगा दिए। इलाज के अगले ही दिन गलत दवाइयों या रिएक्शन करने वाले इंजेक्शन के कारण महिला के पैर में भयंकर इन्फेक्शन फैल गया और पूरे पैर में बड़े-बड़े फफोले पड़ गए।

🩺 ‘इंजेक्शन रिएक्शन कर गया, ग्वालियर जाओ’: फर्जी डॉक्टर की लापरवाही से हमेशा के लिए चलने-फिरने में असमर्थ हुई रामबाई

महिला ने बताया कि जब पैर की बिगड़ती हालत को लेकर वे दोबारा लाल सिंह जाटव के पास पहुंचीं, तो उसने अपनी गलती छुपाते हुए पल्ला झाड़ लिया। उसने कहा कि “इंजेक्शन रिएक्शन कर गया है, इसका बड़ा इलाज कराने के लिए तुम्हें तुरंत ग्वालियर जाना पड़ेगा।” इसके बाद जब परिजन पीड़ित महिला को लेकर ग्वालियर पहुंचे और वहां के वरिष्ठ चिकित्सकों को पैर दिखाया, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। ग्वालियर के डॉक्टरों ने साफ कहा कि गलत और अनप्रोफेशनल इलाज करने के कारण पैर की मुख्य नसें पूरी तरह डैमेज (खराब) हो गई हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अब मेजर ऑपरेशन करने के बाद ही कुछ सुधार हो पाएगा, वरना यह पैर हमेशा के लिए चलने के लायक नहीं रहेगा। इन्फेक्शन के बाद से पीड़ित महिला पूरी तरह बिस्तर पर आ गई है और चलने-फिरने में असमर्थ है।

❌ पूर्व में भी गलत इलाज से हुई थी एक अधेड़ की मौत: पैसों के बल पर दबाया था मामला, स्वास्थ्य विभाग के रवैये पर उठे सवाल

इस खौफनाक घटना के सामने आते ही आरोपी सरकारी शिक्षक लाल सिंह जाटव अपने अवैध क्लीनिक पर ताला जड़कर इलाके से फरार हो गया है। पुलिस जब उसके घर तफ्तीश के लिए पहुंची, तो परिवार के लोगों ने उसके घर पर न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता रामबाई और स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि संबंधित शिक्षक के पास चिकित्सा क्षेत्र की कोई वैध डिग्री (जैसे MBBS या BAMS) नहीं है, इसके बावजूद वह शिक्षा विभाग की नौकरी की आड़ में पिछले 10-15 वर्षों से बेधड़क होकर क्लीनिक चला रहा है। ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व में भी इसी कथित शिक्षक रूपी डॉक्टर के गलत इलाज के कारण क्षेत्र के एक अधेड़ व्यक्ति की असमय मौत हो गई थी, लेकिन तब मोटी रकम के लेन-देन और रसूख के बल पर मामले को रफा-दफा कर दिया गया था। इसके बावजूद स्थानीय चिकित्सा प्रशासन की नींद नहीं टूटी, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Don`t copy text!