Bihar Politics: सम्राट चौधरी ही हैं नीतीश कुमार के असली उत्तराधिकारी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का बड़ा बयान
लखीसराय: जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है, जो बिहार की सियासत में सुर्खियों में छा गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सिर्फ बीजेपी की पसंद नहीं हैं, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी भी हैं, जिन्हें नीतीश बाबू ने खुद चुना है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में विकसित बिहार का सपना जरूर पूरा होगा। लखीसराय जिले के रामचंद्रपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने ये बातें कहीं।
🤝 नीतीश कुमार के विजन को बढ़ा रहे आगे: विरासत को संभालने की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के कंधों पर
ललन सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के काम और सुशासन पर अटूट भरोसा जताते हुए उन्हें लगातार 20 सालों तक राज्य की सेवा करने का ऐतिहासिक मौका दिया। उन्होंने कहा कि अब इसी महान विकासवादी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी पूरी निष्ठा से निभाएंगे। अपने संबोधन में उन्होंने दोहराया कि सम्राट चौधरी ने भी यह संकल्प लिया है कि वह आगे नीतीश कुमार के बनाए रास्ते और सिद्धांतों पर ही चलेंगे। सम्राट चौधरी अब नीतीश कुमार के विकास और सुशासन के विजन को आगे बढ़ाकर बिहार को एक नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।
💰 खाली खजाने से 3.33 लाख करोड़ का सफर: ललन सिंह ने की नीतीश कुमार के वित्तीय प्रबंधन की सराहना
ललन सिंह ने अपने संबोधन में बिहार की आर्थिक स्थिति में हुए क्रांतिकारी बदलाव को भी नीतीश कुमार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जब साल 2005 में नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब राज्य का खजाना पूरी तरह खाली था। उस समय बिहार का कुल बजट महज करीब 25 हजार करोड़ रुपये था, लेकिन व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार के कारण साल के अंत तक यह वास्तविक रूप में घटकर 17 से 18 हजार करोड़ रुपये ही रह जाता था। उन्होंने गर्व से दावा किया कि आज नीतीश कुमार के वित्तीय सुशासन के चलते बिहार का वार्षिक बजट बढ़कर 3 लाख 33 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है।
🏗️ विकास की नई सौगात: लखीसराय में 30 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक परियोजनाओं का शिलान्यास
इसी कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने लखीसराय जिले के पिपरिया प्रखंड में ब्लॉक-कम-सर्किल ऑफिस और अत्याधुनिक आवासीय भवन निर्माण परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस भव्य बुनियादी ढांचा परियोजना की कुल लागत 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार रुपये बताई गई है। उन्होंने स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस यह नया प्रशासनिक भवन क्षेत्रीय प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और जनोन्मुखी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे आम लोगों को सभी सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे बेहतर तरीके से मिल सकेंगी।
🎓 शिक्षा के क्षेत्र में नया तोहफा: मोहनपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का हुआ उद्घाटन
इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मोहनपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन भी किया गया। ललन सिंह ने इसे लखीसराय क्षेत्र के लिए शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण उपहार बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक भवन और विद्यालय का यह नया परिसर—ये दोनों ही महत्वाकांक्षी परियोजनाएं इस पूरे ग्रामीण इलाके में विकास, सुशासन और मजबूत शिक्षा व्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेंगी, जिससे युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
🔄 बिहार की राजनीति का नया अध्याय: रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ के बाद हुआ बड़ा सत्ता परिवर्तन
गौरतलब है कि बिहार की राजनीति में हाल ही में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नीतीश कुमार ने 20 नवंबर को रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, बाद में 30 मार्च को उन्होंने एक सोचे-समझे राजनीतिक परिवर्तन के तहत बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के इतिहास में पहले बीजेपी (BJP) मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाली। वहीं, इस नए एनडीए गठबंधन में राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.