Bihar Border Smuggling: बिहार-नेपाल बॉर्डर पर कबाड़ की आड़ में तस्करी का भंडाफोड़, इंसानी बालों के नीचे छिपे मिले कारतूस
अररिया: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) ने कबाड़ की आड़ में चल रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। अररिया जिले में तैनात 56वीं वाहिनी एसएसबी बथनाहा के जवानों ने सीमा के पास से भारी मात्रा में इंसानी बाल (ह्यूमन हेयर) और भारी संख्या में कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले हैं, जिनकी भाषा-शैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां उनके बांग्लादेशी कनेक्शन और अवैध रूप से भारत में रहने के एंगल पर सघन जांच कर रही हैं।
🚴 सीमा स्तंभ 178 के पास घेराबंदी: साइकिलों पर बोरे लादकर नेपाल भागने की फिराक में थे तस्कर
यह पूरी कार्रवाई एसएसबी की ‘डी’ समवाय कुशमाहा अंतर्गत सीमा चौकी बेरियारी के जवानों द्वारा अंजाम दी गई। रविवार को जब जवान नियमित गश्ती और निगरानी अभियान पर थे, तभी भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 178 के पास भारतीय क्षेत्र के भीतर लगभग 300 मीटर अंदर कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। कुछ लोग साइकिलों पर बड़े-बड़े बोरे लादकर नेपाल सीमा में घुसने की फिराक में थे। एसएसबी जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर उन्हें रोका। पूछताछ में सभी ने खुद को कबाड़ी वाला बताया और कहा कि बोरे में इंसानी बाल हैं। इंसानी बाल वजन में काफी हल्के होते हैं, लेकिन बोरों का वजन असामान्य रूप से बहुत ज्यादा था। जवानों को शक हुआ और जब उन्होंने बोरों को खोला, तो बड़ी साजिश सामने आई।
💥 बालों के नीचे मिला कारतूसों का जखीरा: 150 किलो इंसानी बाल और तस्करी की साइकिलें जब्त
बोरों की गहन तलाशी लेने पर मानव बालों के नीचे छिपाकर रखे गए 5.56 एमएम के 73 खाली कारतूस और 9 एमएम के 7 खाली कारतूस बरामद हुए। इसके साथ ही जवानों ने मौके से लगभग 150 किलोग्राम मानव बाल, करीब 30 किलोग्राम धातु के उपकरण, संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सामान और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 6 साइकिलें जब्त की हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) निवासी नासिर अहमद (43), रफीकुल शेख (42), बिलाल शेख (46), जुल्फीकार एसके (37), अनिशूर शेख (51) और राजन अली शेख (37) के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि ये लोग कबाड़ी के भेष में लंबे समय से घूम-घूमकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे।
🛡️ बंगाल में ‘SIR’ लागू होने के बाद बदला रूट: केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर पुलिस खंगाल रही कड़ियां
विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में ‘SIR’ (स्ट्रिक्ट आइडेंटिफिकेशन रूल्स/विशेष नियम) लागू होने के बाद वहां अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध लोगों ने अब बिहार के सीमांचल और नेपाल का रुख करना शुरू कर दिया है। ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए कबाड़ और मानव बाल इकट्ठा करने का काम चुनते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, खाली कारतूसों की इतनी बड़ी खेप की तस्करी अक्सर अवैध हथियार सप्लाई चेन और सीमा पार सक्रिय आपराधिक या राष्ट्रविरोधी नेटवर्क से जुड़ी होती है। एसएसबी ने पकड़े गए आरोपियों और जब्त सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जोगबनी थाना पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर इस रैकेट के मुख्य सरगना और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगालने में जुट गई है।
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