नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में सीएनजी (CNG) के उपभोक्ताओं को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दो दिनों के भीतर लगातार दूसरी बार सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सीएनजी के दामों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 15 मई को भी सीएनजी के दाम में 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इस नए इजाफे के बाद दिल्ली में सीएनजी के दाम 80 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर गए हैं, वहीं नोएडा में कीमतें 89 रुपये के करीब पहुंच गई हैं।
📊 48 घंटे में दूसरी बार बढ़ीं कीमतें: दिल्ली और नोएडा में लागू हुईं नई दरें
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने 48 घंटों में लगातार दूसरी बार सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। इस 1 रुपये प्रति किलोग्राम की नई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी के दाम अब 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर, नोएडा में भी सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है, जिसके बाद वहां अब नई दरें 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई हैं। जानकारों की मानें तो इस बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में ऑटो रिक्शा और सीएनजी आधारित टैक्सियों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
📈 तीन दिनों में 3 रुपये का इजाफा: इंटरनेशनल मार्केट में नेचुरल गैस के दाम बढ़ने का असर
इससे पहले 15 मई को जब सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिली थी, तब उपभोक्ताओं को उम्मीद नहीं थी कि अगले ही दिन फिर जेब ढीली करनी पड़ेगी। अब 1 रुपये और बढ़ जाने से महज तीन दिनों के भीतर दिल्ली में सीएनजी के दाम में कुल 3 रुपये प्रति किलोग्राम का भारी इजाफा हो चुका है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में नेचुरल गैस (Natural Gas) के दामों में आई तेजी के कारण घरेलू बाजार में सीएनजी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है।
🛢️ पेट्रोल-डीजल और कच्चे तेल का गणित: ईरान युद्ध के चलते डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर
ईंधन का यह संकट सिर्फ सीएनजी तक सीमित नहीं है; बीती 15 मई को पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वास्तव में, जब से ईरान युद्ध (Iran War) शुरू हुआ है, तब से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम में 50% से ज्यादा का उछाल आ चुका है। बीते 23 कारोबारी दिनों से कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 5% से अधिक टूट चुका है, जिससे देश पर आयात लागत और महंगाई का संकट लगातार मंडरा रहा है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.